दूल्हे को शादी के मंडप से उठा लाई तमंचे वाली प्रेमिका
धामपुर(बिजनौर)। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ की ओर से आयोजित चार दिवसीय संभागीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन लखनऊ हौसला फाउंडेशन के कलाकारों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों ने नाटक अ-मैरिज प्रपोजल की प्रस्तुति से धमाल मचा दिया। प्रस्तुति को देख दर्शक लोटपोट होने हो गए। नाटक में बदलते जमाने में एक अबला ऐसी सबला बनी कि उसने शादी के मंडप में बैठे सात फेरे ले रहे प्रेमी को तमंचे के बल पर उठाकर ले जाने के बाद उससे शादी रचा ली।
नगर के एक मंडप में जिला प्रशासन और नाट्यदीप फाउंडेशन धामपुर के सहयोग से आयोजित समारोह का नटराज की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर कर शुभारंभ हुआ। ईश वंदना के बाद नाटक अ-मैरिज प्रपोजल की प्रस्तुति की गई। नाटक में गांव की पंखुड़ी डिग्री कालेज की छात्रा है। पंखुड़ी और उसका सहपाठी किशन का एक दूसरे से प्रेम हो जाता है। लेकिन किशन के पिता किशनलाल अमीर परिवार की इकलौती लड़की से उसकी शादी तय कर देते हैं। किशन भी दहेज के लालच में आ जाता है। किशन पंखुड़ी से मामले को छिपा कर दूसरी लड़की से शादी करने को बारात लेकर पहुंच जाता है। पंखुड़ी को जब इसका पता चलता है तो वह आत्महत्या का रास्ता चुन लेती है। लेकिन उसकी दोस्त सेजल उसे किशन को तमंचे के बल पर मंडप से अपहरण कर शादी का सुझाव देती है। जिस पर पंखुड़ी अबला से सबला बन किशन को मंडप से तमंचे के बल पर उठा ले जाती है। इसके बाद वर एवं वधू पक्ष में झगड़ा होने लगता है। मामला पुलिस तक पहुंचता है। खबर का मीडिया को पता लग जाता है। किशन और पंखुड़ी को गिरफ्तार करने की जद्दोजहद होने लगती है। पुलिस और मीडिया से बचने के लिए पंखुड़ी लगातार किशन को साथ लेकर भागती रहती है। इस भागमभाग में भी वह किशन से शादी करने में सफल नहीं पाती । पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आती है। थाने में किशन पंखुड़ी से शादी करने से मुकर जाता है। लेकिन पंखुड़ी और किशन की नोकझोंक के बाद थानेदार ईमानदार सिंह और पत्रकार दिनेश दोनों किशन को समझाते हैं। जिससे किशन का हृदय परिवर्तन हो जाता है और वह पंखुड़ी से शादी करने के लिए तैयार हो जाता है। अंतत: थाने में रस्म दोनों की शादी करवा दी जाती है।
धरमश्री सिंह की ओर से लिखित, निर्देशित नाटक में संजय त्रिपाठी, विक्रम सिंह, पावनी गुप्ता, चंद्रभाष, शक्ति वर्मा, अजय धीमान, विकास दूबे, सचिन गुप्ता, सचिन सिंह, चारु शुक्ला, अनामिका शुक्ला, नागपाल, मनमोहन सिंह, ज्योति ने अभिनय किया। कार्यक्रम में ईओ मनोज रस्तोगी, हेमंत कुमार, नेपाल सिंह, कर अधिकारी योगेश कुमार, सफाई निरीक्षक इंद्रपाल सिंह, रमाकांत शर्मा, आदित्य सिंह, उदयराज सिंह, सुमन सिंह, प्रशांत यादव, राजवीर माथुर रहे। कार्यक्रम में कलाकारों को सम्मानित किया गया। संचालन राजेंद्र चौधरी ने किया।