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अब कारखानों में कार्यरत श्रमिक अपने परिजनों को विवेकानंद श्रमिक ऐतिहासिक पर्यटन योजना के तहत करा सकेंगे तीर्थ यात्रा

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श्रमिकों के परिवार को तीर्थ यात्रा कराएगी सरकार
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धामपुर। चीनी मिलों व अन्य कारखानों में कार्यरत श्रमिकों, संविदा श्रमिकों, आंशिक श्रमिकों को प्रोत्साहित करने के लिए श्रम विभाग की ओर से कई योजनाएं शुरू की गई हैं। योजनाओं के तहत श्रमिक अपने और अपने परिवार के सदस्यों को स्वामी विवेकानंद श्रमिक ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना के तहत तीर्थ यात्रा करा सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 12 हजार रुपये मिलेंगे। बच्चों की पढ़ाई के लिए भी आकर्षक योजनाएं संचालित हैं। शर्त एक है कि इन श्रमिकों का वेतन 15 हजार से अधिक नहीं होना चाहिए। ऐसे श्रमिक योजना का लाभ उठाने के लिए 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। अब तक 150 से ज्यादा श्रमिक योजना में आवेदन कर चुके हैं।
चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासन) विजय गुप्ता ने बताया कि मिल की ओर से योजनाओं के प्रति श्रमिकों में जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि जो श्रमिक परिवार को तीर्थ यात्रा कराना चाहता है, बच्चों की बेहतर पढ़ाई करा उन्हें होनहार बनाना चाहता है तो वह 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकता है। आवेदन सत्यापन के बाद योजना के तहत मिलने वाली धनराशि उनके बैंक खातों में जाएगी। धनराशि की सूचना मेसेज के माध्यम से लाभार्थी के रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर दिए मोबाइल पर भेजी जाएगी। स्वामी विवेकानंद श्रमिक ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना के यात्रा पर व्यय के लिए एक मुश्त 12 हजार रुपये मिलेंगे। इसमें श्रमिक एवं उसके आश्रितों (आश्रित में पत्नी, अधिकतम दो अविवाहित बच्चे, श्रमिक के माता-पिता, महिला श्रमिक की दशा में सास-ससुर) किंतु श्रमिक सहित कुल सदस्यों की संख्या अधिकतम छह होगी।
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श्रमिकों के लिए ये हैं योजनाएं
मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना के तहत ऐसे श्रमिक जिनके पास केवल दो पुत्रियां विवाह के लिए हैं, उन्हें 51 हजार की धनराशि दी जाएगी। राजा हरिश्चंद्र मृतक आश्रित आर्थिक सहायता योजना में मृतक श्रमिक की विधवा, विधुर, आश्रित को 25 हजार की धनराशि मिलेगी। महादेवी वर्मा श्रमिक पुस्तक आर्थिक सहायता योजना के तहत परास्नातक अभ्यर्थियों को 7500 रुपये की धनराशि दी जाएगी। चेतन चौहान श्रमिक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत श्रमिकों के पुत्र और पुत्री को एकमुश्त जिला स्तर पर 10 हजार, राज्य स्तर पर 25 हजार, राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लाख रुपये दिए जाएंगे। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना के तहत डिग्री पाठ्यक्रम के लिए प्रति अभ्यर्थी 15 हजार, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए 10 हजार, सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के लिए सात हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। गणेश शंकर विद्यार्थी श्रमिक पुरस्कार राशि योजना के तहत 60% या इससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को पांच हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी, 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक पाने वालों को 7500 रुपये पुरस्कार राशि के रूप में मिलेंगे।
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