अलविदा थ्री नॉट थ्री... अब इंसास से लैस होगी पुलिस
बिजनौर। थ्री नॉट थ्री राइफल अब विदा हो जाएगी। .303 बोर वाली इस राइफल की मारक क्षमता के आज भी पुलिस वाले मुरीद हैं। बदमाशों से मुठभेड़ में इस राइफल का अचूक निशाना पुलिसवालों को खूब भाता था, लेकिन अधिक वजन और लंबाई के कारण परेशानियां भी सामने आती थीं। गणतंत्र दिवस पर परेड में इस राइफल की विदाई होगी और उसकी जगह अब इंसास राइफल लेगी।
दरअसल, ब्रिटिश जमाने से पुलिस के पास थ्री नाट थ्री की राइफल अचूक हथियार रहा है। इस राइफल की बदौलत पुलिस बड़े से बड़े बदमाशों से लोहा लेती आई है। पुलिसकर्मियों पर ये ही राइफल ड्यूटी के दौरान रहती थी। बिजनौर जिले की पुलिस पर करीब 800 थ्री नॉट थ्री की राइफल हैं। 26 जनवरी की परेड में इस राइफल को पुलिस से विदा किया जा रहा है। थ्री नाट थ्री की जगह पुलिस को आधुनिक राइफल इसांस व एसएलआर दी जा रही है।
- इस राइफल से ढेर किए कई बदमाश
सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर व पुलिस पेंशनर्स बोर्ड के जिलाध्यक्ष आनन्द शर्मा के मुताबिक थ्री नॉट थ्री की राइफल पुलिस का कामयाब हथियार रहा है। इसका अचूक निशाना रहा है। मारक क्षमता भी अच्छी थी। ये राइफल ब्रिटिश जमाने की थी। पुलिस के पास इससे अच्छा हथियार नहीं था। 1983 में वे उत्तराखंड के काशीपुर में उपनिरीक्षक के रूप में पुलिस चौकी पर तैनात थे। थ्री नाट थ्री की राइफल से ही मुठभेड़ में दो बदमाशों को मार गिराया था। 1987 में बरेली के बहेडी चौकी पर तैनाती के दौरान भी इस राइफल से दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया था। थ्री नाट थ्री राइफल से बदमाश भी डरते थे।
- कार में ले जाने में थी दिक्कत
सेवानिवृत्त सीओ एमपी सिंह के मुताबिक पुलिस के पास ये हथियार बढ़िया रहा है। अपने जमाने की सबसे बढ़िया राइफल थी। लेकिन कार में इस राइफल के साथ बैठकर जाने में परेशानी होती थी। ये राइफल वजनी भी रही है। सेवानिवृत्त एएसआई अमर सिंह यादव के मुताबिक ये राइफल ऐसी रही है कि लोहे में भी छेद कर देती थी। कारतूस मिस नहीं होता था। 500 मीटर की दूरी तक आसानी से इससे निशाना साधा जा सकता था। इसका निशाना भी अचूक था। पुलिस वालों को इस राइफल के पास होते कोई डर नहीं रहता था। चीन के साथ युद्ध में इस राइफल का ही इस्तेमाल हुआ था।
- मस्कट भी नहीं होती इस्तेमाल
बिजनौर। थ्री नाट थ्री राइफल तो पुलिस से विदा हो रही है। पुलिस के पास मस्कट राइफल को भी अब अलग कर दिया है। अफसरों के मुताबिक ये राइफल केवल पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण के दौरान इस्तेमाल हो रही है। पुलिस में मस्कट राइफल का भी कोई इस्तेमाल नहीं रहा है।
- इस राइफल की खूबियां
लंबाई -- 44.57 इंच (1260 मिलीमीटर)
बैरल लंबाई -- 25.2 इंच (640 मिलीमीटर)
मारक क्षमता -- 503 मीटर, अधिकतम सीमा 2000 मीटर