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पक्षियों के लिए पेड़ों में टांगे गए घोेंसले

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बिजनौर में कृष्णा कॉलेज में गौरैया के लिए छात्राओं द्वारा बनाएं गए आशियानों के साथ अतिथिगण। - फोटो : BIJNOR
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पक्षियों के लिए पेड़ों में टांगे गए घोेंसले
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बिजनौर। कृष्णा कॉलेज में समाज कार्य विभाग व निष्कर्ष सोसाइटी की ओर से गौरैया संरक्षण के अंतर्गत ‘आशियाना बनाओ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पक्षियों के लिए घोंसले बनाकर कर कई जगह पेड़ों पर टांगे गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए पक्षियों का अस्तित्व को बचाने का आह्वान किया गया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में डीएफओ ने बताया कि विज्ञान और विकास के बढ़ते कदम ने हमारे सामने कई चुनौतियां भी खड़ी की हैं। इससे निपटना हमारे लिए आसान नहीं है। विकास की महत्वाकांक्षी इच्छाओं ने हमारे सामने पर्यावरण की विषम स्थिति पैदा की है। निष्कर्ष सोसाइटी के संस्थापक अमित राजपूत ने बताया कि इंसान के बेहद करीब रहने वाली कई प्रजाति के पक्षी विलुप्त हो रहे हैं। इस परिवेश में गौरैया का संरक्षण आज हमारे लिये सबसे बड़ी चुनौती बनी है। बढ़ती आबादी के कारण जंगलों का सफाया हो रहा है, गांव में अब पक्के मकान बनाए जा रहे हैं जिसके कारण गौरैया को अपना घोंसला बनाने के लिये सुरक्षित जगह नहीं मिल रही है।
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एसडीओ ने बताया मनुष्य आज इतना प्रलोभी हो गया है कि हर कार्य में अपना स्वार्थ देखता है और वन्य जीवन का नष्टीकरण अपने ही हाथों से बिना सोचे समझे भावहीन होकर किये जा रहा है। प्रसिद्ध पर्यावरणविद जोएल लॉयल ने बताया कि पर्यावरण में ही प्रकृति की सच्ची सुंदरता है, हरे-हरे लहलहाते बाग भिन्न-भिन्न प्रकार के पशु पक्षियों की प्रजातियां मन मोहती हैं, अगर यही नहीं बचे तो जमीन सूखी, बेजान और बंजर हो जायेगी और चारों तरफ सिर्फ इमारतें खड़ी रह जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएफओ एम. सेम्मारम व एसडीओ श्री हरि सिंह जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं संस्थापक निदेशक राजीव कुमार, प्रबन्धक मनोज कुमार, निदेशक पवन कुमार, प्राचार्या सीमा शर्मा, प्राचार्य लॉ कॉलेज परवेज अहमद खा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज कार्य विभाग के प्रवक्ता गोपाल स्वरूप सिंह, निपेंद्र सिंह, रंजना सैनी व सभी छात्र-छात्राओं ने अपना योगदान दिया।
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