केवाईसी अपडेट कराएं पीएमएमवीवाई के लाभार्थी
बिजनौर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत मिलने वाले लाभ के लिए लाभार्थी की बैंक में केवाईसी होना (नो योर कस्टमर) जरूरी है। केवाईसी अपडेट होने पर ही लाभार्थी को योजना का लाभ मिल सकेगा। पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय होने से बैंकों के आईएफएससी कोड बदल गए हैं। इस वजह से बहुत से लाभार्थियों को भुगतान संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नोडल अधिकारी डा. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत पहली बार मां बनने वाली महिला को पांच हजार रुपये की धनराशि ऑनलाइन किस्तों में दी जाती है। चाहे प्रसव सरकारी या निजी अस्पताल में कराया गया हो। योजना के तहत 73749 पंजीकृत लाभार्थी हैं। इस योजना के अंतर्गत जनवरी 2017 से दो अगस्त 2021 तक जिले में 29 करोड़ 93 लाख 59 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रशांत एस चंद ने बताया कि शासन की ओर से पहली बार मां बनने वाली जिले की करीब 89 हजार 822 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंजीकरण के लिए माता-पिता का आधार कार्ड, मां की बैंक पासबुक की फोटो कापी जरूरी है। यदि बच्चे का जन्म हो चुका है तो मां और बच्चे दोनों के टीकाकरण का प्रमाणिक पर्चा होना जरूरी है। उन्होंने बताया पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किस्त के रूप में एक हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किए जाते हैं।
फोन पर न दें बैंक खाता संबंधी जानकारी
डा. प्रमोद कुमार गुप्ता ने लाभार्थियों से फर्जी फोन कॉल से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कुछ जालसाज योजना के नाम पर फोन कर लाभार्थियों के बैंक अकाउंट संबंधित जानकारी लेकर उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया योजना का कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी नहीं पूछता है और न ही संवेदनशील सूचनाएं मांगता है। राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन नंबर पर लाभार्थी स्वयं ही कॉल करके योजना के आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का निराकरण प्राप्त कर सकते हैं।