गैंगस्टर मुनीर को 10 साल की सजा
बिजनौर। एडीजे गैंगस्टर कोर्ट डॉ. विजय कुमार ने गैंग बनाकर यूपी, दिल्ली और अन्य राज्यों में हत्या, लूट आदि गंभीर अपराध कर आतंक फैलाने का दोषी पाते हुए गैंगस्टर मुनीर को 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुनीर के साथी रैय्यान को भी पांच साल का कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध नहीं होने पर तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया। मुनीर पर कुल 35 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें 13 बिजनौर में हैं।
शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर के अनुसार थानाध्यक्ष स्योहारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गैंग लीडर मुनीर और उसके साथी रैय्यान, जैनी, तंजीम अहमद और रिजवान निवासी सहसपुर गैंग बनाकर अपराध करते हैं। जनपद बिजनौर तथा अन्य राज्यों में हत्या, लूट, डकैती जैसे जघन्य अपराध कर इन्होंने धन अर्जित किया है। मुनीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या की थी। वहीं धामपुर में पंजाब नेशनल बैंक की कैश वैन से 95 लाख रुपये के लूट में भी गैंग शामिल था।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने निर्णय में मुनीर और रैय्यान को गैंगस्टर एक्ट में दोषी पाया और मुनीर को 10 साल कारावास तथा रैय्यान को पांच साल कारावास की सजा सुनाई। जैनी, तंजीम और रिजवान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
छावनी में तब्दील रहा जजी परिसर
मुनीर की पेशी को लेकर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए थे। खुद एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी थी। जजी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रही। बिना चेकिंग के किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। कोर्ट में जहां मुनीर को लाकर पुलिस की गाड़ी खड़ी की गई थी, उसके चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम समेत स्वाट और क्यूआरटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
मुनीर ने एनआईए अफसर की हत्या कर फैला दी थी सनसनी
बिजनौर। छह साल पहले साल 2016 में मुनीर ने एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या कर सनसनी फैला दी थी। देशभर में इस हत्याकांड की गूंज रही। दरअसल एनआईए के अफसर पठानकोट हमले की जांच से जुड़े हुए थे जो कि शादी में शामिल होने बिजनौर में आए। अलीगढ़ से लूटी गई रिवाल्वर से मुनीर ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। हालांकि इस केस में अभी कोर्ट का निर्णय आना बाकी है।
गैंगस्टर के केस में मुनीर और उसके साथी को सजा सुनाई गई। पिछले चार महीनों से इस केस की सुनवाई तेजी से चल रही थी। मुुनीर ने अपनी साथी के साथ मिलकर साल 2016 में दो अप्रैल की रात एनआईए अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की गोली बरसाकर हत्या उस वक्त कर दी थी जब वे कार से एक शादी में शामिल होकर लौट रहे थे। सहसपुर में ताल कटोरा के पास बनी पुलिया पर गाड़ी रुकवाकर ताबड़तोड़ गोली बरसा कर हत्या कर दी थी। प्रॉपर्टी को अपने पक्ष में रखने के लिए मुनीर ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। एनआईए अफसर की हत्या के बाद देशभर में सनसनी फैल गई थी। फिल्हाल सोनभद्र की जेल में मुनीर को रखा गया है। पिछले साल कुछ समय के लिए बिजनौर कारागार की तन्हा बैरक में भी उसे रखा गया। बाद में सुरक्षा कारणों से उसकी जेल बदल दी गई थी।
लूट और हत्या से रहा पुराना नाता
मुनीर का हत्या और लूट की वारदातों से पुराना नाता रहा है। मुनीर ने 29 नवंबर 2014 को कमला मार्केट में एटीएम से डेढ़ करोड़ रुपये की लूट की थी और गार्ड की गोली मारकर हत्या की थी। साल 2013 में अलीगढ़ में एक ठेकेदार को गोली मारकर उसकी रिवॉल्वर छीनी। 2014 में अलीगढ़ में जीआरपी के सिपाही को गोली मारकर पिस्टल छीन लिए जाने का आरोप था। अलीगढ़ में बैंक लूट को भी मुनीर ने अंजाम दिया था।
दो अप्रैल 2016 को एनआईए के अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना का अनावरण हुआ। मुनीर और उसके साथी रैय्यान के खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। मुनीर को दस साल की सजा और एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है जबकि उसके साथी रैय्यान को पांच साल की सजा और पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगा है। मुनीर प्रदेश स्तर का अपराधी माफिया है।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी