बिजनौर। हरियाणा के गुरुग्राम में बिजनौर पुलिस की दबिश के वक्त गैंगस्टर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उच्च अफसरों को बिन बताए दूसरे राज्य में दबिश देने और लापरवाही के मामले में एसपी ने नांगल थाने में तैनात एक दरोगा और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
थाना नांगल में तिसोतरा निवासी सविता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें गांव के ही पंकज और मोंटी समेत तीन के खिलाफ जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मोंटी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि पंकज की लोकेशन हरियाणा में मिली। 25 अगस्त को दरोगा हरस्वरूप शर्मा चार सिपाहियों को लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हुए। नांगल पुलिस ने 26 अगस्त को गुरग्राम के सेक्टर 14 में एक मकान के उस कमरे का दरवाजा खटखटाया, जिसमें पंकज ठहरा हुआ था। पुलिस की आमद को भांपकर वहां मौजूद गैंगस्टर डिकेंद्र पाल (24) ने खुद को पिस्टल से पेट में गोली मार ली। आनन-फानन डिकेंद्र पाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिसकर्मी पंकज को गिरफ्तार कर थाना नांगल ले आए थे।
डिकेंद्र पाल गांव लालपुर सोजीमल थाना नांगल बिजनौर का ही रहने वाला था जो अब गुरुग्राम में रहकर नौकरी करने लगा था। डिकेंद्र अविवाहित था, जिसके पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। मां भी नहीं है, सिर्फ छोटी बहन है, उसकी भी शादी हो चुकी है। रिश्ते के चाचा आदि ने गुरुग्राम से शव लाकर 27 अगस्त की शाम बालावाली घाट पर डिकेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। डिकेंद्र का आपराधिक इतिहास रहा है। नांगल थाने में उसके खिलाफ जानलेवा हमला और शस्त्र अधिनियम समेत दो केस दर्ज हैं।
मामले का पता चलते ही एसपी केके विश्नोई ने जांच के लिए एएसपी सिटी डॉ. केजी सिंह को गुरुग्राम में घटनास्थल पर भेजा। जांच में दबिश के बीच गैंगस्टर द्वारा आत्महत्या किए जाने और उच्च अफसरों को बिना बताए दबिश देने की बात सामने आई। इसके बाद एसपी ने दरोगा हरस्वरूप शर्मा, सिपाही सुजीत, सिपाही रोहित, सिपाही पवन शर्मा और अरुण राजोराव को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में थानाध्यक्ष नांगल अन्नू कुमारी पर भी गाज गिर सकती है। े