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गंगा तीरे बस गया आस्था का शहर, मेला गुलजार

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गंगा तीरे बस गया आस्था का शहर, मेला गुलजार
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बिजनौर। विदुरकुटी में गंगा तीरे आस्था का शहर बस चुका है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ और बाजार के सज जाने से मेला गुलजार हो गया। भैंसा बुग्गी और ट्रैक्टर ट्रालियों से पहुंचे लोगों ने अपने डेरे लगाए। सवेरे से ही मेले में पहुंचने के लिए लोगों में होड़ लगी रही।
सोमवार की शाम तक विदुरकुटी गंगा स्नान मेले में सिर्फ तीन या चार परिवार ही पहुंचे थे। मंगलवार को सुबह से ही मेले की सूरत बदलने लगी। एक-एक कर भैंसा बुुग्गी और ट्रैक्टर ट्राली से लोग पहुंच लगे, जिन्होंने गंगा के मैदान में अपने लिए अच्छी जगह का चुनाव कर डेरा जमा लिया। डेरा लगाने के बाद महिलाएं और पुरुष गंगा स्नान करने के लिए पहुंचे। दोपहर बाद तक गंगा में स्नान करने का सिलसिला जारी था। स्नान करने के बाद महिलाओं ने चूल्हा जलाया और खाना बनाने लगी। कुछ लोगों ने लकड़ियों जलाकर खाना बनाया तो कुछ अपने साथ गैस चूल्हा लेकर गए। शाम ढलने तक हजारों लोग मेले में पहुंच चुके थे।
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दुकान लगाने में लगे रहे दुकानदार
मंगलवार की दोपहर तक मेले में दो खाने के होटल चल रहे थे। पांच दुकानें पान-बीड़ी की खुल चुकी थी। बाकी सौ से अधिक दुकानदार टमौटी बनाकर दुकान सजाने में लगे हुए थे। शाम तक मीना बाजार से लेकर अन्य दुकानें सज गई थीं।
बच्चों ने गंगा में की अठखेलियां
बचपन का असली रंग रेत के ढेर में घरौंदा बनाना या गड्ढा बनाना होता है। दोपहर के वक्त कुछ बच्चे गंगा किनारे गड्ढा खोदकर पानी निकालने में लगे रहे। उन्हें यह करने के बाद ही खुशी मिल रही थी। वहीं भैंसा बुग्गी से गए श्रद्धालुओं ने भैंसों को भी गंगा स्नान करा दिया।
अबकी बार बनी है सुंदर रंगोली
शिक्षा विभाग के सहयोग से इस बार गंगा घाट पर सुंदर रंगोली बनाई गई है। दोपहर में दो शिक्षिकाएं और कुछ शिक्षक रंगोली बनाने में मशगूल दिखाई दिए। बताया गया कि रंगोली पहले कभी नहीं बनाई गई थी। यह विचार शिक्षा विभाग को अबकी बार ही आया है।
तैयारियों में जुटी रही पुलिस
जिन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी मेले में लगी है, वे मंगलवार की शाम तक पहुंच गए थे। थाना कोतवाली से लेकर असलहा की प्रदर्शनी और अन्य कामकाज को निपटाने और व्यवस्थाओं को बनाने में पुलिस महकमा मशगूल दिखाई दिया। प्रतिसार निरीक्षक तैयारियां करा रहे थे तो ट्रैफिक पुलिस भी आवाजाही और जाम से निपटने को खाका बनाने में लगी दिखाई दी।
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गंगा स्नान मेले में चढ़ रहा राजनीति का रंग
- नेताओं के होर्डिंग्स से अट गए गंगा स्नान मेले के सभी रास्ते
- पोस्टर के जरिये ढूंढा शक्ति प्रदर्शन का मौका
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मेले में सिर्फ आस्था और उल्लास ही देखने को नहीं रहा, बल्कि इस बार राजनीति का रंग भी चढ़ा हुआ है। यह आगामी चुनाव की वजह से हुआ। दरअसल मेले में कोई रास्ता या चौराहा ऐसा नहीं है, जिस पर नेताओं के होर्डिँग्स और पोस्टर ना टंगे हों।
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बिजनौर-चांदपुुर रोड से जैसे ही विदुरकुटी के लिए मुड़ते हैं तो सामने ही स्वागत का गेट नजर आ जाएगा। यहीं से स्वागत होर्डिंग्स की शुरुआत हो गई। इससे आगे चलने पर कदम दर कदम नेताओं के पोस्टर लगे हुए हैं। पोस्टर लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत करने वालों में सभी टिकट के दावेदार हैं। एक भी होर्डिंग्स ऐसा नहीं है, जिसने बिजनौर विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी ना कर रखी हो। दो किलोमीटर लंबा रास्ता तय करने के बाद मेले में भी होर्डिंग्स की भरमार दिखी। प्रकाश व्यवस्था के लिए खड़े गिए खम्भों पर एक एक नहीं बल्कि तीन तीन पोस्टर लगे हुए हैं। ऐसा लग रहा है मानों नेताओं में पोस्टर लगाने की ही जंग छिड़ी हो। शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी इसे देखा जा रहा है। सत्ताधारी दल के अलावा किसी अन्य पार्टी का एक भी पोस्टर ढूंढने से नहीं मिलेगा। चर्चा यह बनी हुई है कि पोस्टर लगाने और हटाने को लेकर आपस में रार भी हो सकती है। क्योंकि अभी और भी नेता अपने पोस्टर लगाने के लिए किसी ना किसी का उतारकर जगह खाली करेंगे। ऐसे में भिड़ंत भी हो सकती है। दो साल पहले गंगा स्नान मेले में पूर्व राज्य मंत्री ने स्वागत के पोस्टर हटा लिए जाने पर हंगामा खड़ा कर दिया था।
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