बिजनौर के नगीना में धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास करने वाले पकड़े गए दो आरोपी।
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एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष सहित चार गिरफ्तार
बिजनौर। भारत बंद के फेर में जिले का माहौल भी खराब हो सकता था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने शरारती तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। भड़काऊ बयानबाजी कर लोगों को भारत बंद के समर्थन में उकसाने में एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जोकि एक धर्म के खिलाफ भी नारेबाजी कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास करने मेें लगे थे। पकड़े गए आरोपियों में एक ग्राम प्रधान भी शामिल है, जबकि एक की पत्नी एआईएमआईएम के टिकट पर नगीना विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी है।
बृहस्पतिवार सवेरे से भी जिले भर की पुलिस और एलआईयू भारत बंद की आशंका को लेकर कई संगठनों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुई थी। शाम के समय नजीबाबाद और नगीना में बैठक किए जाने की सूचना लगते ही पुलिस अलर्ट हो गई। मामले की गंभीरता को भांपकर एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने माइक मीटिंग ली। जिसके बाद पुलिस रात में ही सक्रिय हो गई। नगीना पुलिस ने एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष अब्दुल्ला पुत्र मतलूब निवासी मुनीरगंज नजीबाबाद और इफ्तेखार पुत्र जुल्फिकार निवासी पटेरी नगीना को गिरफ्तार कर लिया।
इफ्तेखार की पत्नी ललिता उर्फ सायमा ने नगीना विधानसभा से चुनाव लड़ा था। वहीं, नजीबाबाद में अकील अहमद जिला सचिव सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पुत्र अब्दुल रसीद निवासी मोहल्ला रम्पुरा को गिरफ्तार किया गया। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष मशरूफ कमाल निवासी गांव कासिमपुर बिल्लौच थाना शिवालाकलां को नजीबाबाद पुलिस की सूचना पर पकड़ा गया। मशरूफ जमाल मौजूदा ग्राम प्रधान भी है, जोकि नजीबाबाद के मोहल्ला रम्पुरा में भीड़ को इकट्ठा कर प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़काने का काम कर रहा था। एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए। पुलिस ने चारों आरोपियों का चालान कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14-14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया।
भारत बंद के आह्वान की आड़ में धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने इनके मंसूबों को विफल कर दिया। एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष समेत चार लोगों को पकड़ा गया है। सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी - डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी