पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब अलीगढ़ से गिरफ्तार
बिजनौर। पुलिस ने नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब को अलीगढ़ से दबोचा है। जावेद आफताब काफी दिनों से अलीगढ़ में अपनी बहन के यहां रह रहे थे। उन्हें क्यों दबोचा गया इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है। जावेद आफताब 1990 में राममंदिर आंदोलन के बाद हुए दंगों में भी जेल गए थे। एसपी ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पिछले दिनों नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर हुए उपद्रव के मामले में जावेद आफताब के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हुए थे। उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। जावेद आफताब की गिरफ्तारी से उनके समर्थकों में खलबली मची हुई है। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब बुल्ला के चौराहे पर रहते हैं। बसपा, सपा दोनों दलों से वह जुड़े रहे हैं। 1990 में अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन को लेकर बिजनौर में हुए दंगों के मामलों में जावेद आफताब को जेल जाना पड़ा था। पिछले दिनों नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बिजनौर में हुए उपद्रव के मामले में जावेद आफताब पर सात मुकदमे दर्ज हुए थे। इन सभी मामलों में उन्हें हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। एक मुकदमे को छोड़ बाकी सभी मामलों में न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल हो गई है। पिछले एक माह से जावेद आफताब अलीगढ़ में अपनी बहन के यहां रह रहे थे। सोमवार की रात बिजनौर पुलिस ने अलीगढ़ में छापा मारकर जावेद आफताब को दबोच लिया है। माना जा रहा है कि राम मंदिर निर्माण से पहले जिन लोगों से माहौल बिगड़ने का खतरा है उन लोगों की पुलिस ने गिरफ्तारी शुरू कर दी है। जावेद आफताब को भी इसलिए ही दबोचे जाने की चर्चा है। एसपी संजीव त्यागी ने जावेद आफताब को पकड़े जाने की पुष्टि की है।