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बिजनौर: वन विभाग की टीम ने दुर्लभ पीले विष खोपड़े को पकड़ा, कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में छोड़ा

Tue, 28 Dec 2021 08:14 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर

सार

बिजनौर में वन विभाग की टीम ने एक दुर्लभ पीले विष खोपड़ा को पकड़ा है। इसके बाद टीम ने उसे कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में छोड़ दिया।
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वन विभाग की की टीम ने एक दुर्लभ पीले विष खोपड़ा को पकड़ा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिजनौर के कालागढ़ में नई कॉलोनी के आबादी क्षेत्र से वन विभाग की की टीम ने एक दुर्लभ पीले विष खोपड़ा को पकड़ कर कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में छोड़ दिया।

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त्वरित अनुक्रिया दल के प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि नई कॉलोनी निवासी अनिल कुमार ने टीम को सूचना दी कि उनके बगीचे में पीले रंग का अजीब सा एक जीव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही वह अपने सहयोगी सलमान अंसारी के साथ मौके पर पहुंचे। बगीचे में पीले रंग का दुर्लभ जीव बैठा हुआ था। लगभग एक से डेढ़ फीट लंबे जीव को पकड़ कर सूखा स्रोत के वनों में छोड़ दिया गया।

दुर्लभ है पीली गोह
दीपक कुमार का कहना है कि येलो मॉनिटर लिजार्ड को हिंदी में पीली गोह कहा जाता है। यह पानी के पास रहना पसंद करती है। भारत में पायी जाने वाली चार प्रजातियों में से यह गोह सबसे दुर्लभ होती है। क्षेत्रीय भाषा में इसे ही विष खोपड़ा कहा जाता है। यह विषैला नहीं होता है, लेकिन इसकी लार में बैक्टीरिया पाया जाता है। 
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इससे संक्रमण का डर रहता है। इस जीव के पीले रंग के शरीर पर हल्की लाल रंग की धारियां बनी होती हैं। जिसका औसतन वजन 1 से 1.5 किलो तक रहता है।

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