मंडावली क्षेत्र के गांव लाहकखुर्द स्थित प्राथमिक विद्यालय में बदहाल पड़ा शौचालय।
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मंडावली में ज्योतिर्मय योजना में चयनित प्राथमिक विद्यालय लाहकखुर्द में पढ़ने वाले 100 से ज्यादा बच्चे खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। दरअसल बजट उपलब्ध होने के बावजूद ग्राम प्रधान और सचिव के बीच मतभेद के चलते विद्यालय में विकास कार्य अधर में लटके हैं।
क्षेत्र के गांव लाहकखुर्द स्थित प्राथमिक विद्यालय का छह माह पहले ज्योतिर्मय योजना में चयन होने पर स्कूल के विकास के लिए शासन की ओर से बजट उपलब्ध कराया गया था। स्कूल में 101 बच्चे पढ़ते हैं। इनके पढ़ने-लिखने के लिए उपलब्ध कक्ष में काफी समय से सीमेंट के कट्टे रखे हैं। सीमेंट का इस्तेमाल न किए जाने से सीमेंट जम चुका है।
योजना में न तो विद्यालय की रंगाई-पुताई की गई, न ही सबमर्सिबल पंप लगाया गया और न ही सीसी मार्ग का निर्माण हुआ। आलम तो यह है कि मरम्मत के लिए शौचालय के भीतर तोड़फोड़ की गई थी, वह भी दुरुस्त नहीं किया गया। करीब दो माह से बच्चे खुले में शौच के लिए जाने क ो मजबूर हैं। मुख्य अध्यापक दिलशाद अहमद ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
उधर, ग्राम प्रधान हामिद खां ने सचिव धारा सिंह की शिकायत बीडीओ से करते हुए बताया कि विद्यालय के विकास के लिए आई धनराशि सचिव से उपलब्ध कराने के लिए कहा जाता है, तो वह सुविधा शुल्क की मांग करता है। धन नहीं मिलने से स्कूल का विकास रुका है। उधर, सचिव धारा सिंह का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा करीब 15 से 20 हजार रुपये का काम कराया गया है और उनके द्वारा 70 हजार रुपये का भुगतान कराने का दबाव बनाया जा रहा है।