अफजलगढ़ के कासमपुरगढ़ी स्थित पीएचसी पर पौने नौ बजे तक खाली चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
अफजलगढ़। जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित अफजलगढ़ सीएचसी पर पांच डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन जरूरत के वक्त एक डॉक्टर भी नहीं मिलता। शुक्रवार को की गई पड़ताल में चिकित्सा अधीक्षक सर्वेश निराला छुट्टी पर मिले। डॉक्टर मनीष पांडेय की ड्यूटी बिजनौर लगाई गई थी जबकि डॉ. नवीन कुमार और अरुण की रात में ड्यूटी लगेगी। बची एकमात्र आयुष चिकित्सक डॉ. ममता कर्णवाल सवा घंटा देरी से 9.15 बजे अस्पताल पहुंची।
चिकित्सकों के अस्पताल में मौजूद रहने का समय सवेरे आठ से दोपहर दो बजे तक है। चीफ फार्मासिस्ट लक्ष्मण सिंह रावत व मनोज शर्मा, एक्सरे टेक्नीशियन व अन्य कर्मचारी सवा आठ बजे अस्पताल पहुंचे। आयुर्वेदिक चिकित्सक संजीव तथा होम्योपैथिक चिकित्सक तैय्यब अली 8.30 बजे अस्पताल पहुंचे।
ब्लॉक मुख्यालय कासमपुर गढ़ी स्थित पीएचसी की स्थिति भी ऐसी ही मिली। पीएचसी प्रभारी खालिद अख्तर करीब 8.50 बजे, डॉ. संजय कुमार 8.35 बजे तथा डॉ. फहीम अहमद 9.15 बजे पीएचसी पहुंचे। महिला चिकित्सक शैफाली मातृत्व अवकाश पर हैं। पैथोलॉजी लैब व औषधालय में पौने नौ बजे तक ताले लगे थे। नौ बजे के बाद ही फार्मासिस्ट सतीश कुमार व लैब टेक्नीशियन निखिल कुमार अस्पताल पहुंचे। वहीं, अफजलगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के गांव भिक्कावाला, सुआवाला व कादराबाद में पीएचसी हैं लेकिन तीनों में किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।