-रावली तटबंध टूटा तो आसपास के क्षेत्र हो जाएंगे बर्बाद
-कई बार आ चुका है मालन का पानी, अब गंगा से ज्यादा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रावली क्षेत्र के गांवों में गंगा और मालन दोनों ही नदियां अपना प्रकोप दिखा रही है। पिछले 12 सालों में चार बार मालन नदी के उफनाने से क्षेत्र जलमग्न हो गया। ऐसे में अब आसपास बसें गांव के लोगों को गंगा का ज्यादा डर सता रहा है। क्योंकि, गंगा का बहाव सबकुछ तबाह कर देगा।
बैराज पुल बनने के साथ ही साल 1984 में रावली तटबंध बना था। तब से अब तक यह तटबंध क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। एक बार रावली के पास ही थोड़ी दूर का तटबंध टूटा था। जिसे समय रहते ठीक कर दिया था। इससे कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन, अब एक किलोमीटर से ज्यादा तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है। जबकि, 500 मीटर तटबंध टूट चुका है। अब सिर्फ ढांग ही गंगा के पानी को राेके हुए हैं। प्रशासन, सिंचाई विभाग सहित अन्य टीम मिट्टी डालने का काम कर रही हैं। लेकिन, अभी हालत ठीक नहीं लग रहे हैं। क्योंकि, गंगा तेजी से कटान कर रही है।
क्या बोले ग्रामीण
गांव में डर का माहौल है: विकास कुमार
गांव मुजफ्फरपुर केशो निवासी विकास कुमार ने कहा कि मालन उफनने से गांव में बाढ़ आ जाती है। लोगों को बहुत परेशानी होती है। अब गंगा की तटबंध टूटने को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। पूरी तरह सतर्क हैं। अगर, पानी आता है तो तैयार रहेंगे।
तटबंध बचाने के कार्य में हुई देर: जितेंद्र सिंह
मुजफ्फरपुर केशो निवासी जितेंद्र सिंह का कहना है कि अधिकारियों को पहले तटबंध ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए था। अब बहुत देर हो गई है। अब तटबंध टूटने के बाद मरम्मत से सही समाधान नहीं निकलेगा।
गंगा का तटबंध टूटा तो आ जाएगी आपदा: विष्णुपद
गांव चंदपुरा निवासी विष्णुपद ने बताया कि मालन जब भी उफनती है, उनके गांव तक पानी आ जाता है। मालन के बाद अब गंगा का तटबंध टूटना किसी आपदा से कम नहीं है। उम्मीद करते हैं कि जल्द तटबंध ठीक हो जाए।
पहली बार हुई रावली तटबंध टूटने की घटना: रामू
नवलपुर कॉलोनी निवासी रामू ने कहा कि उनकी याद में मालन का पानी गांव में कई बार आ चुका है। बाढ़ आने से फसल बर्बाद होती है। लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रावली तटबंध टूटने की घटना पहली बार है।
गंगा का पानी आया तो होगा बहुत नुकसान: गोविंद विश्वास
हेमराज कॉलोनी निवासी गोविंद विश्वास का कहना है कि काफी दूर तक रावली तटबंध पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। ढांग की वजह से गंगा का पानी नहीं आया है। ढांग के गिरते ही गंगा का पानी क्षेत्र में फैल जाएगा। इससे काफी नुकसान होगा।
पानी डर से पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचाई गाड़ियां
बिजनौर। भले ही रावली तटबंध टूट चुका है। लेकिन, अभी मिट्टी की ढांग ने सैलाव आने से रोक रखा है। लेकिन, गहरे क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने पानी से बचाव की तैयारी पहले ही कर ली है। जी हां, बैराज रोड स्थित शाकुंभरी ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के गहरे यार्ड से गाड़ियों को हटा लिया गया है। जीएम ऑपरेशन हितेश कौशिश ने बताया कि गहरे यार्ड में खड़ी सभी गाड़ियों को स्टॉक यार्ड में खड़ा करा दिया है। उन्होंने अपनी पूरी तैयारी कर ली। अगर, पानी आता है तो गाड़ियां सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दी हैं।