- छापामारी के डर से फैक्टरी के अलावा घर में भी किया जा रहा था आतिशबाजी बनाने का काम
- पटाखा फैक्टरी के संचालक और घर स्वामी को नहटौर पुलिस ने पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/नहटौर। लाइसेंस में तय क्षमता से ज्यादा आतिशबाजी बनाने के लिए संचालक ने अपनी-अपनी फैक्टरी के साथ-साथ एक घर में ही पटाखा बनाने का काम चालू कर दिया। नहटौर पुलिस ने उक्त घर में छापा मार कर 175 किलो 220 ग्राम पोटेशियम नाइट्रेट (शोरा) बरामद कर लिया। पटाखा फैक्टरी के संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उधर, शेरकोट पुलिस ने एक दुकान में आतिशबाजी का भंडारण जब्त करे हुए एक फैक्टरी संचालक को पकड़ा है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि नहटौर पुलिस ने ग्राम चकगोवर्धन निवासी गजेंद्र के घर पर पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला 175 किलो 220 ग्राम पोटेशियम नाइट्रेट (शोरा) बरामद किया। यहां पर आतिशबाजी का निर्माण भी किया जा रहा था। मौके से पकड़ में आए जुबैर ने पुलिस को बताया कि उसके पास पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस है, लेकिन दिवाली पर पटाखों की मांग बढ़ने के कारण उसने गजेंद्र के घर पर अतिरिक्त गोदाम बना रखा था। ताकि छापे की दशा में फैक्टरी में क्षमता से अधिक भंडारण न मिलने पाए। पुलिस ने जुबैर निवासी नहटौर के साथ-साथ गजेंद्र निवासी चकगोवर्धन को भी गिरफ्तार किया है। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी देहात गौतम राय, सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सीओ अफजलगढ़ आलोक सिंह भी मौजूद रहे।
- शेरकोट में आतिशबाजी पकड़ी
शेरकोट। शेरकोट पुलिस ने एक दुकान में छापेमारी कर अवैध तरीके से रखी गई आतिशबाजी पकड़ी है। पुलिस ने मौके से 65 किलो माचिस बम बरामद किया है।
पुलिस ने दुकान में अवैध आतिशबाजी भंडारण के आरोप में मोहल्ला हलवाइयान निवासी शाकिर को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया है। सीओ आलोक कुमार का कहना है कि दुकान में अवैध तरीके से आतिशबाजी का भंडारण किया गया था। बताया कि शाकिर की शेरकोट में पटाखा फैक्टरी है। लाइसेंस की तय क्षमता से ज्यादा बनी आतिशबाजी को दुकान में रख दिया गया था ताकि पुलिस की छापामारी में बढ़े हुए स्टॉक का पता नहीं लगने पाए।
- दोनों के लाइसेंस होंगे निरस्त : एसपी
एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि शेरकोट पुलिस ने आतिशबाजी के अवैध भंडारण में फैक्टरी संचालक को पकड़ा है, साथ ही नहटौर पुलिस ने भी घर में पटाखा बनाने के मामले में फैक्टरी संचालक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों ही संचालकों की फैक्टरी के लाइसेंस निरस्त कराने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है।