बिजनौर। इस बार गन्ना कैलेंडर में किसानों की पर्ची केवल बुग्गी के रूप में दर्ज होंगी। जो किसान छोटे ट्रिपलर से गन्ना सप्लाई करते हैं उनकी एक ट्रिपलर की पर्ची दो बुग्गी में व एक ट्राली की पर्ची तीन बुग्गी में दर्ज होंगी। हालांकि नीचे कोड छोटे ट्रिपलर व ट्राली के ही होंगे। पहली बार यूपी में किसानों के लिए यह व्यवस्था की गई है।
किसान बुग्गी, ट्रिपलर व ट्राली से मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। किसानों के पास भी अब तक कैलेंडर में बुग्गी, ट्रिपलर व ट्राली के वजन के अनुसार ही दर्ज होते थे। बुग्गी पर किसान आमतौर 20 क्विंटल तक, छोटे ट्रिपलर पर 35 क्विंटल तक तथा ट्राली पर 50 से 60 क्विंटल तक गन्ना तुलवाते हैं। इस बार शासन ने नई व्यवस्था की है। कैलेंडर में सभी किसानों की पर्ची बुग्गी में ही प्रदर्शित होंगी। छोटे ट्रिपलर से गन्ना देने वाले किसानों की पर्ची दो बुग्गी में व ट्राली की पर्ची तीन बुग्गी में दर्ज होंगी। नई प्रणाली के अगर किसान छोटे ट्रिपलर से गन्ना सप्लाई करता है तो उसकी पहली पर्ची के बाद दूसरी पर्ची का कॉलम शुरू होने पर किसान को छोटे ट्रिपलर की पर्ची दे दी जाएगी। इसी तरह ट्राली के दो कॉलम निकलने के बाद तीसरी पर्ची का कॉलम शुरू होने पर किसान को ट्राली की पर्ची मिलेेगी। यानि कैलेंडर में दो पर्ची का कॉलम पूरा होने पर छोटे ट्रिपलर की एक पर्ची व तीन पर्ची के कॉलम पूरा होने पर ट्राली की एक पर्ची मिलेगी।
नई प्रणाली से ही डलेगा गन्ना
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसानों को पर्ची वितरण नई प्रणाली के अंतर्गत होगा। नई व्यवस्था के अनुसार ही किसान गन्ना डाल पाएंगे।