फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपज की पर्ची कटवा रहे किसान, नहीं मिलेगा लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन
उपज की पर्ची कटवा रहे किसान, नहीं मिलेगा लाभ
विज्ञापन

बिजनौर। जिले में गन्ने का रकबा बढ़ने पर गन्ना पर्ची के लिए किसान अभी से परेशान होने लगे हैं। किसान पर्ची बढ़वाने के लिए समितियों में उपज पर्ची की रसीद कटवा रहे हैं। किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। जो किसान रसीद कटवा रहे हैं, उनके खेतों में फसल का दोबारा से मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही किसानों की पर्ची मान्य होंगी।
किसानों ने गन्ने का रकबा इस साल 11 प्रतिशत से अधिक बढ़ा दिया है। अब करीब दो लाख 47 हजार हेक्टेयर तक रकबा पहुंच गया है। इससे चीनी मिलों को ही नहीं किसानों को भी दिक्कतें उठानी पड़ सकतीं हैं। किसानों के पास गन्ना पर्ची कम हैं, गन्ने की पैदावार बंपर है, जबकि किसान लगातार गन्ना रकबे में बढ़ोतरी कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले की गन्ने की सामान्य पैदावार 735 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। लेकिन काफी किसान इतनी जमीन से 1400 क्विंटल गन्ना तक निकाल लेते हैं। ऐसे किसानों का बेसिक कोटा व सप्लाई अधिक होती है जबकि जमीन कम होती है। ऐसे किसानों को कोटे के अनुसार पर्ची देने के लिए उपज पर्ची गन्ना समितियों में काटी जाती है। लेकिन किसानों के बीच यह गलतफहमी फैल गई है कि उपज पर्ची कटने से उनकी गन्ने की पर्ची बढ़ जाएंगी। तीन ही दिन में दो हजार से ज्यादा किसानों ने उपज पर्ची की रसीद कटवा ली है। गन्ना विभाग ऐसे किसानों की जमीन पर पूरी नजर रख रहा है। ऐसे किसानों की जमीन और गन्ने की फसल का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। खेतों में खड़ी फसल के आधार पर ही इन किसानों को गन्ना पर्ची दी जाएंगी। फसल की पैदावार कम पाई जाने पर उसी के आधार पर सट्टा कम कर दिया जाएगा।
चीनी मिल पैड़ी रकबा पौधा रकबा
बिजनौर 4394 3387
धामपुर 26967 21642
स्योहारा 21085 16970
नजीबाबाद 7878 8417
बुंदकी 15731 14108
चांदपुर 8489 6723
बिलाई 14738 13865
बरकातपुर 16166 12549
बहादरपुर 14106 14923
धनौरा 2575 2375
खाईखेड़ी 204 179
कुल 132333 115138
नोट : आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
बनेंगे नए सदस्य
काफी किसानों ने पहली बार गन्ना बोया है। समिति में नए सदस्य बनाने का काम भी शुरू हो गया है। 30 सितंबर तक नए सदस्य बनाए जाएंगे। गन्ना रकबे के आधार पर इन किसानों को इंडेंट जारी किया जाएगा।
विज्ञापन

उपज पर्ची कटवाने वालों का दोबारा होगा सर्वे
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि उपज पर्ची कटवाने वाले किसानों की फसलों का मूल्यांकन दोबारा होगा। फसल के आधार पर ही पर्ची मिलेंगीं। किसान गलतफहमी का शिकार होकर उपज पर्ची न कटवाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें