किसान देख लें अपना गन्ना सट्टा
बिजनौर। जिले के किसानों के पास गन्ना सट्टा देखने का आखिरी मौका है। इसके बाद किसानों का डाटा लॉक कर दिया जाएगा। पेराई सत्र में भी सीजन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। अगर किसान अभी सट्टे की गलतियों में संशोधन नहीं कराएंगे तो गन्ना बेचने में भारी परेशानी उठानी पड़ेंगी। गन्ना विभाग ने गांवों में सट्टा प्रदर्शन कराना शुरू कर दिया है।
जिले में तीन लाख 57 हजार किसान गन्ने की खेती करते हैं। जिले के किसानों ने इस साल गन्ने का रकबा 25 हजार हेक्टेअर से अधिक बढ़ा दिया है। पिछले साल किसानों को गन्ना मिलों में बेचने में भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। जिन किसानों ने गन्ने का रकबा इस साल बढ़ाया है या जिनके पास पिछले साल कम गन्ना पर्ची थीं। किसान अपने गन्ना सट्टे में गन्ना रकबा, पैड़ी, पौधे आदि के बारे में जानकारी भरते हैं। यह भी बताते हैं कि कितना गन्ना रकबा उन्होंने बढ़ाया है। गन्ना रकबे के सट्टा प्रदर्शन का काम गांव गांव में शुरू हो गया है। गांवों में किसानों को उनके सट्टे से जुड़ी जानकारी एक बार पढ़कर सुनाई जा रही है। अगर किसान इस पर ध्यान नहीं देंगे और उनके सट्टे में कुछ गलत जानकारी अंकित हो गई तो इसमे बाद में संशोधन नहीं होगा। किसानों का गलत डाटा ही लॉक करा दिया जाएगा। सट्टा प्रदर्शन से पहले किसानों को मोबाइल पर मैसेज के जरिए प्रदर्शन के दिन के बारे में बताया जा रहा है।
गन्ना समिति किसान
बिजनौर 55928
हल्दौर 10931
चांदपुर 40699
नूरपुर 34508
नजीबाबाद 56277
नगीना 38022
धामपुर 64685
स्योहारा 33003
अफजलगढ्ऱ 23824
कुल 357877
मोबाइल पर मिलेंगी पर्ची
नोट:आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
इस बार गन्ना पर्ची कागज की वितरित नहीं होंगी। किसानों को मोबाइल पर एसएमएस के जरिये पर्ची भेजी जाएंगी। अगर किसानों के सट्टे में गलत सट्टा अंकित हुआ तो किसानों को मैसेज नहीं मिलेगा। पूरे सीजन में किसानों को परेशानी ही उठानी पड़ेगी।
बाद में नहीं होगा संशोधन
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसान गन्ना सट्टा प्रदर्शन जरूर देख लें। अगर कोई संशोधन हो तो मौके पर ही करा लें। पेराई सत्र के दौरान कोई संशोधन नहीं होगा।