धामपुर। गन्ना विकास परिषद की ओर से वसंतकालीन गन्ना बुवाई अभियान के अंतर्गत बृहस्पतिवार को समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने कहा कि 0238 प्रजाति की बुवाई पर पूरी तरह से रोक है। कोई भी किसान अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करे।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से खेतों में खड़े गन्ने का सत्यापन अभियान पांच फरवरी तक चलेगा। कहा कि किसी भी दशा में एक प्रजाति का क्षेत्रफल 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। किसानों को राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित नई अगेती प्रजातियों जैसे कोएस 13235, कोएस 17231, कोएस 18231, कोएस 19231, को. 0118, को.ल. 14201, को.ल. 16202 को अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए को. 98014 और को.एस. 13231 की बुवाई कराएं। बुवाई के समय प्रत्येक खेत में ट्राइकोडर्मा का प्रयोग, बीज शोधन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए। बताया कि गन्ना समिति में स्थापित फार्म मशीनरी बैंक के यंत्रों के संचालन हेतु कृषकों से दैनिक इंडेंट प्राप्त करें। कृषकों को अवगत कराएं कि फार्म मशीनरी बैंक से आधुनिक यंत्र आरएमडी, सब-सॉयलर, ट्रेंच ओपनर, पावर स्प्रेयर उचित किराये पर प्राप्त कर सकते हैं। गन्ना पर्यवेक्षक लोकनाथ, दिनेश राजपूत, राजेश सिंह ने मिल की ओर से उपलब्ध कराई जा रहीं ट्राईकोडर्मा, हेक्सस्टॉप, कीटनाशक, यंत्रों पर दिए जा रहे अनुदान के बारे में बताया।