बिजनौर। प्रशासन के तय सर्किल रेट परिवर्तन पर अकेले बिजनौर तहसील में 200 आपत्तियां आ गई। वहीं नगीना में चार, धामपर में एक, नजीबाबाद में मात्र दो, चांदपुर में 18 आपत्तियां आई। कमाल यह है कि इस बार आपत्तियां सर्किल रेट घटाने के लिए नहीं, बल्कि बढ़ाने के लिए आ रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारा जहां प्रस्तावित है, उस क्षेत्र के किसानों ने कम बढ़ोतरी करने की बात गई। इस क्षेत्र में दो करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर सर्किल रेट करने की मांग भी उठाई। अब 27 अगस्त तक इन आपत्तियों का निस्तारण होगा और 31 अगस्त से नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे।
निबंधन विभाग और प्रशासन के संयुक्त सर्वे के बाद इस बार भी सर्किल रेट की नई सूची तैयार की गई। पिछले वर्ष की तुलना में विकसित आबादी, नई बस्ती निर्माण, बाजार भाव को देखते हुए सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई। प्रशासन के मुताबिक यह वृद्धि 10 से 20 प्रतिशत तक के बीच की गई। इसमें 24 अगस्त तक आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया था। इसमें बिजनौर तहसील की बात करें तो यहां पर 24 अगस्त की शाम पांच बजे तक 200 आपत्ति दर्ज की गई। इनमें 150 आपत्ति उन क्षेत्रों की है, जहां से गंगा एक्सप्रेसवे निकलना प्रस्तावित है।
साथ ही स्वाहेड़ी के पास बन रहे औद्योगिक गलियारा से प्रभावित गांवों के किसानों ने भी 30 से ज्यादा आपत्तियां लगाई। इन आपत्तियों में सर्किल रेट को कम बताया गया और मांग की गई कि इन क्षेत्रों में सर्किल रेट दो करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर तक किया जाए। ताकि किसानों को अधिग्रहण के समय उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सके। इसके अलावा नजीबाबाद में उप निबंधक कार्यालय नजीबाबाद को मात्र दो आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
उप निबंधक राजीव भारती ने बताया किसानों द्वारा कृषि भूमि के सर्किल रेट में बढ़ोतरी की मांग की गई है। फ्लाईओवर क्षेत्र के कारोबारी प्रतिष्ठानों व अन्य जमीनों के सर्किल रेट कम करने की मांग की गई है।
नगीना के उपनिबंधक दिनेश कुमार ने बताया कि नगीना में अब तक चार आपत्ति दर्ज हुई है। वहीं धामपुर में एक ही आपत्ति आई। चांदपुर में सब रजिस्ट्रार देशराज सिंह ने बताया कि उप निबंधक कार्यालय चांदपुर में जमीन के सर्किल रेट को लेकर करीब 18 आपत्ति दर्ज हुई हैं।