बिजनौर, /नजीबाबाद / अफजलगढ़/ जलीलपुर। खरीफ सीजन में सहकारी समितियों पर यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त भंडार होने के सरकारी दावों के बावजूद किसान परेशान हैं। कई स्थानों पर किसानों को निर्धारित मानक के अनुसार सीमित मात्रा में खाद दी जा रही है। इसे किसान फसलों की जरूरत के मुकाबले अपर्याप्त बता रहे हैं। खाद लेने के लिए समितियों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
किसानों का कहना है कि गन्ना व अन्य खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार के लिए अधिक खाद की आवश्यकता है। नियमानुसार एक फसली सीजन में प्रति हेक्टेयर सात बैग यूरिया और पांच बैग डीएपी वितरित किए जा रहे हैं। एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे।
नजीबाबाद। किसान सहकारी समिति नजीबाबाद पर खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन नियमों के अनुसार खाद कम मिल रहा है। किसान खाद के लिए निजी खाद स्टोर के चक्कर काट रहा है। नजीबाबाद ब्लॉक की 131 ग्राम पंचायत जसवंतपुर लुकादड़ी, करमसखेड़ी, पूंडरी खुर्द समेत 14 सहकारी समितियों के माध्यम से खाद उपलब्ध कराया जाता है।
उधर अफजलगढ़ के गांव मोहम्मदपुर राजौरी में खाद लेने आए किसान सोमप्रकाश, बलबीर सिंह आदि का कहना है कि उन्हें एक एकड़ भूमि के लिए तीन कट्टे दिए जा रहे है। वहीं गजरौला शिव के क्षेत्र स्वाहेड़ी में दो खाद गोदाम है। उधर बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति गजरौला अचपल के एमडी सुशील का कहना है कि किसानों को समय पर खाद बांटा जा रहा है।
लालूवाला धनौरा सहकारी समिति सचिव पवन कुमार ने बताया कि किसानों को मानक के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। खरीफ की फसल के लिए अक्तूबर माह तक एक हेक्टेयर यानी 12.50 बीघा कृषि भूमि पर किसानों को सात यूरिया खाद के कट्टे और जरूरत के पर डीएपी खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान सेवा सहकारी समिति जलीलपुर के एमडी उदयराज सिंह धीमान ने बताया खाद का पर्याप्त स्टॉक है। 300 बैग यूरिया उपलब्ध है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी व उमस किसानों को लाइन में लगकर खाद लेना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि किसानों को खाद देने के लिए लाइन में न लगना पड़े। किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से खाद उपलब्ध कराना चाहिए।