फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ने के आगे बाकी फसलों को नकारने लगे हैं किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
गन्ने का मोह नहीं छोड़ रहे किसान
विज्ञापन

बिजनौर। गन्ने के बढ़े रकबे की वजह से चीनी का दाम भले ही कम चल रहा हो, लेकिन किसानों का गन्ने से मोह भंग नहीं हो रहा है। अगले पेराई सत्र में भी गन्ने का रकबा काफी बढ़ा हुआ रहेगा। गन्ना विभाग का सर्वे तो यही कह रहा है। अगले साल भी रकबे में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी होगी। यह तब होगा जब किसानों को दूसरी फसलों को बोने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
पिछले साल कोरोना को हराने के लिए देश में लॉकडाउन लगा था। जिसमें सब्जी काफी महंगी बिकी, लेकिन इसके बाद भी किसानों ने सब्जी के बजाए गन्ने को ही पसंद किया और इसके रकबे में 22.5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी। जबकि पिछले साल किसानों को गन्ना बेचने में काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इस साल भी गन्ना बुवाई का काम तेजी से शुरू हो गया है।
विज्ञापन

उम्मीद की जा रही थी कि गन्ने के भाव न बढ़ने, हर साल पिछड़ते गन्ना भुगतान की वजह से किसान गन्ने का रकबा कम करेंगे, कम से कम उतना तो कम ही देंगे जितना पिछले साल बढ़ाया था। लेकिन किसान गन्ने के आगे बाकी फसलों को नकारने वाली स्थिति में आ गए हैं। जिले में इस बार भी गन्ने का रकबा कम होता नहीं दिखाई दे रहा है। बल्कि रकबे में पिछले सालों के मुकाबले थोड़ी बहुत बढ़ोतरी ही दिख रही है।
विज्ञापन

साल गन्ना रकबा औसत उत्पादन
2010-11 212473 555.52
2011-12 213177 576.88
2012-13 217675 584.72
2013-14 209179 599.32
2014-15 200099 657.44
2015-16 202632 686.56
2016-17 210269 784.04
2017-18 212687 833.96
2018-19 220368 859.52
2019-20 221753 864.92
2020-21 247471 897.66
2021-22 247746 ????
नोट: आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। 2020-21 का औसत उत्पादन (क्विंटल प्रति हेक्टेयर) जनवरी तक का है। 2021-22 का रकबा (हेक्टेयर में) संभावित है।
0238 ने बढ़ाई पैदावार
गन्ना रकबा बढ़ने की सबसे बड़ी वजह गन्ने की 0238 प्रजाति है। पहले रेतीली जमीन में किसान गन्ना नहीं बोते थे। 0238 प्रजाति रेतीली जमीन में भी अच्छी पैदावार देती है। रेतीली जमीन में भी 0238 की खेती से गन्ना रकबा बढ़ा है। भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार बाकी फसलों के बिकने की गारंटी नहीं, लेकिन गन्ना बिक जाता है। इसलिए किसान गन्ना बो रहे हैं। कुछ भी हो किसान को गन्ने का थोड़ा थोड़ा रकबा तो कम करना ही चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें