गांवों में रात भर रहता है अंधेरा, नहीं आती बिजली
बिजनौर। किसान दिवस में गन्ना मूल्य भुगतान और विद्युत अव्यवस्था के मामला छाया रहा। किसान गांवों में रात को बिजली नहीं आने से नाराज थे। डीएम रमाकांत पांडेय ने किसानों को 31 दिसंबर तक बकाया गन्ना मूल्य का अपडेट भुगतान कराने का भरोसा दिया।
विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने डीएम को बताया कि गांवों में रात को बिजली नहीं आ रही है। इससे गांवों में रात को अंधेरा रहता है और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, जिसके कारण दिन फुंक जाते हैं। विद्युत निगम के एसई सीपी सिंह ने कहा कि गांवों में रोस्टर के अनुसार बिजली दी जाती है। हर सप्ताह में शेड्यूल बदल जाता है। गांवों को औसतन 17 घंटे बिजली सप्लाई हो रही है। डीएम ने कहा कि बिजली की कमी नहीं है। बिजली एनटीपीसी और प्राइवेट सेक्टर से खरीदी जाती है। जितना पैसा विद्युत राजस्व से प्राप्त होता है, उससे ही बिजली खरीदी जा रही है। यदि बिलों का समय से पेमेंट हो तो 24 घंटे बिजली मिल सकती है। डीएम ने किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए।
किसान बिलाई, बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने से भी खफा दिखे। किसानों ने सवाल किया कि पिछला भुगतान हुआ नहीं है, चालू सीजन का कब होगा। इस पर डीएम ने कहा कि किसानों का हित शासन प्रशासन के लिए पहले है। इन तीन मिलों को छोड़ बाकी छह मिलों ने चालू सीजन का भुगतान शुरू कर दिया है। बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों को सब्सिडी मिल गई है। बिलाई चीनी मिल पर भी दबाव बनाया जा रहा है। मात्र दो-तीन प्रतिशत किसानों का बकाया है। 31 दिसंबर तक पूरा भुगतान कराने कि प्रयास किया जा रहा है। किसानों ने गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली होने के आरोप लगाए। कहा कि इलेक्ट्रानिक कांटों से बडे़ पैमाने पर घटतौली हो रही है। कहीं कोई जांच नहीं हो रही है। डीएम से सेंटरों पर मैन्युअल कांटे लगाने की मांग की गई। किसान नेता होशियार सिंह ने कोतवाली नजीबाबाद रोड के निर्माण का मामला उठाया। सहकारिता विभाग द्वारा फसल बीमा काटने के नाम पर परेशान किए जाने के आरोप लगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद बीज वितरण से जुड़ी शिकायतों का समाधान उपनिदेशक जेपी चौधरी ने किया। वयोवृद्ध विजयपाल सिंह ने खाद की क्वालिटी पर सवाल उठाया। इस दौरान केपी सिंह, डीसीओ यशपाल सिंह, एसई सीपी सिंह, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी नरपाल सिंह मलिक आदि मौजूद रहे।
डीएम साहब हम गन्ना कहां डालें?
गंगा किनारे के गांवों हिम्मतपुर बेला और रामसहाय वाला के किसानों जीत सिंह, अंकित कुमार आदि ने डीएम को बताया कि उनके गांवों की गन्ना सप्लाई की कोई व्यवस्था सीजन शुरू होने के दो माह बाद भी नहीं हुई है। पिछले किसान दिवस में भी मामला उठा था। अब तक वे उत्तराखंड राज्य की लक्सर चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करते थे। उत्तराखंड ने गैर सूबे का गन्ना लेने से मना कर दिया है। वे अपना दुखड़ा किसे बताएं। डीएम ने मौजूद डीसीओ को प्रभावी कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने को कहा है।
गांवाें में बिजली देने की मांग
किसान दिवस में हिम्मपुर बेला के किसान सरदार जीत सिंह ने डीएम को बताया कि उनके बुजुर्ग गांव में बिजली आने की बाट जोहते हुए दुनिया से विदा हो गए हैं। वह भी 31 साल के हो गए हैं। गांव में बिजली लाने की मांग लगातार उठा रहे हैं। करीब छह माह पहले गांव से करीब 900 मीटर दूर स्थित एचटी लाइन से बिजली लाने का सर्वे भी हो चुका है। आगे बात नहीं बढ़ी है। डीएम ने एसई विद्युत को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
23 को किसान दिवस में शामिल हों
किसान दिवस में बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह का जन्म दिवस 23 दिसंबर किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रशासन की ओर से आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें किसानों को सम्मानित किया जाएगा। कृषि विशेषज्ञ नई तकनीकों की जानकारी देंगे। प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अशोक कटारिया इसमें मुख्य अतिथि हैं। इसमें किसानों से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।