फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: परिजनों ने जिंदा रखी चंद्रपाल सिंह की सोच, नहीं दिया मृत्यु भोज

विज्ञापन
विज्ञापन
नहटौर। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्राम शादीपुर निवासी चंद्रपाल सिंह चिकारा के निधन के बाद उनके परिजनों ने भी उनकी पहल को आगे बढ़ाते हुए सराहनीय उदाहरण पेश किया। बुधवार को उनकी अरिष्ठी में मृत्यु भोज नहीं दिया गया, बल्कि सादगी के साथ कार्यक्रम संपन्न कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया गया।
विज्ञापन

बताया गया कि चंद्रपाल सिंह का 30 मार्च को निधन हो गया था। आरिष्ठी के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण व समाज के लोग एकत्र हुए। इस दौरान मृत्यु भोज के स्थान पर यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने आहुति देकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में जाट जागृति एसोसिएशन से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रपाल सिंह ने जाट जागृति एसोसिएशन के आह्वान पर समाज सुधार की दिशा में पहल करते हुए अपनी पत्नी विधावती देवी के निधन पर 16 फरवरी को आरिष्ठी में मृत्यु भोज का बहिष्कार कर नई परंपरा की शुरुआत की थी। परिजनों ने उनके विचारों को आगे बढ़ाकर सच्ची श्रद्धांजलि दी। सभी ने मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवनिहाल सिंह, लोकेंद्र सिंह डोडवाल, महेंद्र प्रधान, संजीव कुमार, वीरेंद्र सिंह, घसीटा सिंह, प्रेम सिंह, स्वामी आनंद आचार्य, सत्यवीर सिंह, सीतम सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें