बिजनौर, जलीलपुर/चांदपुर। गांव फैजीपुर की महिला की प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाते मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजन व ग्रामीणों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीलपुर के सामने शव रखकर घंटो जाम लगाए रखा। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने जाम खुलवाकर शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
जलीलपुर के गांव फैजीपुर निवासी चंद्रभान सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी रीना देवी को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की सुबह करीब तीन बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीलपुर में भर्ती कराया था। जहां उसने पुत्र को जन्म दिया था जो स्वस्थ हैं। प्रसव के बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में प्रसव कराने वाली स्टाफ नर्स ने उसकी पत्नी को बाहर ले जाने को कहा। बाहर ले जाते समय उसकी पत्नी की मौत हो गई। चंद्रभान सिंह ने बताया उसकी पत्नी का खून बह रहा था।
शनिवार को मृतका रीना देवी का शव लेकर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रसव कराने वाली स्टाफ नर्स को बुलाने की मांग करने लगे। सुनवाई न होते देख ग्रामीणों ने पीएचसी जलीलपुर के सामने मेरठ ठाकुरद्वारा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम लगा रहे ग्रामीण स्टाफ नर्स व डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रभारी निरीक्षक चांदपुर राजेश वैसला ने मृतका के परिजनों को मुकदमा लिखने का आश्वासन दिया परंतु परिजनों ने उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम विजय शंकर ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया। जाम लगा रहे ग्रामीणों ने डीएम, सीएमओ को बुलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे डाॅ. केपी सिंह से भी ग्रामीणों ने बात नहीं की। एसीएमओ राजेंद्र विश्वकर्मा ने मौके पर पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। परंतु ग्रामीण सीएमओ को बुलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे सीएमओ ने परिजनों को समझाया। मौके पर कई थानों की पुलिस व महिला पुलिस पहुंच गई। एसडीएम के निर्देशन में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया तथा शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परिजनों ने तहरीर दी है।