-दमकल विभाग की जांच में खुला मामला, स्वास्थ्य विभाग को भेजी रिपोर्ट
-जिले के 80 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल में हैं शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आयुष्मान योजना गरीबों के बेहतर इलाज के लिए शुरू की गई है। मगर, कुछ योजना का गलत फायदा उठा रहे हैं। आयुष्मान पैनल में शामिल होने के लिए एक अस्पताल ने दमकल विभाग की फर्जी एनओसी लगा दी। मामले का खुलासा दमकल विभाग की जांच में हुआ।
शहर में संचालित मर्सी हॉस्पिटल ने आयुष्मान पैनल में शामिल होने के लिए स्वास्थ्य विभाग में आवेदन किया था। आवेदन के लिए दमकल विभाग की एनओसी भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए दमकल विभाग से पास रिपोर्ट भेजी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर जांच की।
जांच में पता चला कि अस्पताल के पास दमकल विभाग की एनओसी फर्जी है। इसके बाद फर्जी एनओसी होने की रिपोर्ट उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को दी। साथ ही 79 ऐसे अस्पतालों की सूची दी, जिनके पास दमकल विभाग की एनओसी है। मामला पकड़ में आने के बाद दूसरे अस्पताल भी शक के दायरे में आ गए हैं। जिले में 80 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल से जुड़े हुए हैं। जिनमें आयुष्मान कार्ड धारकों का निशुल्क इलाज होता है।
मर्सी हॉस्पिटल की ओर से आयुष्मान पैनल में शामिल होने के लिए आवेदन किया गया था। दमकल विभाग ने फर्जी एनओसी होने की रिपोर्ट दी थी। अस्पताल को अभी पैनल में शामिल नहीं किया गया है। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, बिजनौर
आयुष्मान योजना से जुड़ने के लिए किए आवेदन में दमकल विभाग की एनओसी लगी थी। जांच में उक्त एनओसी फर्जी मिली है। इसके संबंध में स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया दिया गया था। - अजय कुमार शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बिजनौर