भीषण गर्मी और बिजली की अघोषित कटौती बनी मुसीबत
बिजनौर। लोगों की बार बार बिजली आने जाने सें नींद उड़ी है। बढ़ती गर्मी से लोग बेहाल हैं। किसानों की फसलें सूख रही हैं। निगम अधिकारी लोकल फाल्ट होने पर बिजली कट करने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
जिला मुख्यालय की कई कॉलोनियों तथा मोहल्लों में न तो बिजली के आने का कोई समय है तथा न ही जाने का कोई समय है। उमस भरी गर्मी में भरी दुपहरी में तथा रात में समय बेसमय बिजली गुल हो जाना आम हो गया है। सूबे के ऊर्जामंत्री ने गर्मी शुरू होने से पहले क्षमता के अनुसार बिजलीघर अपडेट करने को कहा था। इसके बाद भी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। शहर के तीन बिजलीघर आवास विकास, बुखारा तथा रामपुर बकली में आवास विकास की हालत सबसे बदतर है। आवास विकास निवासी अमित कुमार, केसी शर्मा आदि का कहना है कि बिजली घर पर लोड अधिक है। कनेक्शन बढ़ रहे हैं। बिजलीघर की क्षमता नहीं बढ़ी है। सप्लाई घंटा दो घंटा आती है फिर गायब हो जाती है। दिन रात यही क्रम चलता है। अधिकारी सुनते नही हैं। साकेत, इंदिरा विहार, नई बस्ती आदि कॉलोनी भी कमोबेश बिजली के आने जाने का सिलसिला रहता है। बिजली की कटौती से किसान भी परेशान हैं, रामपुर बकली बिजली घर से जो गांव जुडे़ हैं, वहां किसान ट्यूबवेल चलाता है। पानी खेत तक पहुंचती नहीं कि बिजली गायब हो जाती है। किसान की फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। हरवीर सिंह बताते हैं कि निगम ने कनेक्शन तो खूब दे दिए पर क्षमता नहीं बढ़ी है। वहीं, एसडीओ राहुल गौतम का कहना है कि शहर में 27 घंटे बिजली आ रही है। आज किसी भी बिजलीघर पर कोई कटौती नहीं हुई है। गर्मी में खपत बढ़त जाती है। फाल्ट होने पर शटडाउन लेने से बिजली जाती है।