फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: हर मेडिकल स्टोर संचालक को दवा खरीद और बेचने की दर दर्ज करनी होगी

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। मेडिकल स्टोरों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत में दवाई बिक रही है। जिससे मरीजों की जेब ढीली हो रही है। इस पर लगाम कसने के लिए नई पहल की जा रही है। अब महंगी दवा बेचने के खेल पर जनता की नजर होगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालक को दवा की जानकारी सार्वजनिक वेबसाइट पर दिखानी होगी। एक नवंबर से यह आदेश लागू होंगे।
विज्ञापन

औषधि आयुक्त रोशन जैकब ने औषधि निरीक्षकों को जारी पत्र में निर्देश दिए कि एक नवंबर से सभी खुदरा फार्मेसियों को अपनी सार्वजनिक वेबसाइट बनाकर सभी विवरण साप्ताहिक रूप से अद्यतन करना होगा। सार्वजनिक वेबसाइट पर लाइसेंस नंबर, फार्मासिस्ट, लाइसेंसी परिसर और स्टॉक का विवरण प्रदर्शित करना होगा। साथ ही अस्पताल की फार्मेसियों में खरीद व बिक्री दर पर आधारित मूल्य सूची भी प्रदर्शित की जाएगी। आयुक्त ने सभी औषधि निरीक्षकों को अपने क्षेत्र की फार्मेसियों में इन निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
जुलाई में निर्धारित से अधिक मूल्य पर दवाई बिकती पकड़ी गई
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के क्षेत्रीय जांच अधिकारी ने जुलाई 2026 में बिजनौर के कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में भारत सीरम एंड वैक्सीन्स के एंटी-डी 300 एमसीजी, ट्रेनिमैसिमिक एसिड 500 एमजी टैबलेट, ओरीप्रिम डीएस की कीमत निर्धारित मूल्य से अधिक मिली थी। एंटी-डी का निर्धारित मूल्य करीब 2721 रुपये है जबकि यहां 4916 रुपये पर यह दवाई बेची जा रही थी। ओरीप्रिम डीएस की कीमत 2.36 रुपये निर्धारित है, यह दवा 28.18 रुपये में बिकती मिली थी। इसके अलावा ट्रेनिमैसिमिक एसिड 500 एमजी टैबलेट का डीपीसीओ कीमत 18.98 रुपये निर्धारित है, लेकिन यह दवा 215 रुपये की 10 टैबलेट बिकती मिली थी। उन्होंने जांच के लिए नमूना भी एकत्र किए थे।
विज्ञापन


नए थोक बिक्री लाइसेंस पर लगी रोक हटी
23 जुलाई 2026 को नवीन थोक विक्रय लाइसेंस जारी किए जाने पर रोक लगाई गई थी। अब आगामी नवरात्र त्योहार के दृष्टिगत व्यापारियों के हित में 11 अक्तूबर से नवीन थोक विक्रय लाइसेंस पर लगी रोक हटा दी गई है।

वर्जन...
सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को पत्र जारी कर दिया गया है। एक नवंबर से सभी संचालकों को सार्वजनिक वेबसाइट पर दवाई और फार्मेसी से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। जनता के हित में यह फैसला लिया गया है। ....पीयूष शर्मा, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें