यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 23 से
बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाई स्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिका 23 अप्रैल से जांचीं जाएंगी। मूल्यांकन के लिए जिला मुख्यालय पर तीन केंद्र बने। जिन पर पांच लाख से अधिक उत्तर पुस्तिका जांची जाएंगी। मूल्यांकन कार्य 1500 से अधिक परीक्षक करेंगे। बोर्ड ने परीक्षकों के लिए गाइडलाइंस जारी की है। शासन ने मूल्यांकन में सुंदर हस्तलेख के नंबर निर्धारित करके नई परंपरा शुरू की है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा 13 अप्रैल को समाप्त हुई। संकलन केंद्रों से उत्तर पुस्तिका 17 अप्रैल से आवंटित मूल्यांकन केंद्रों को जानी शुरू हुई। उत्तर पुस्तिका 21 अप्रैल तक केंद्रों पर पहुंची। अब 23 अप्रैल से उत्तर पुस्तिका जांचने का काम शुरू हैं। शासन ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए प्रधान व सहायक परीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।
जिले में आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर को इंटर की कॉपी तथा जीजीआईसी बिजनौर व बीआईसी को हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया। मूल्यांकन केंद्रों पर आवंटित विषय व जिलों की कापी पहुंच गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या वर्ष 2020 के मुकाबले करीब एक लाख अधिक है।
ये हैं मूल्यांकन केंद्रों को आवंटित कापी की संख्या
जिले में इस बार वर्ष 2020 के मुकाबले एक मूल्यांकन केंद्र कम है। जीआईसी को भवन जर्जर होने के कारण मूल्यांकन केंद्र नहीं बनाया गया है। इस साल तीन मूल्यांकन केंद्र है। उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या वर्ष 2020 के मुकाबले अधिक है। बताया गया कि वर्ष 2020 में चार लाख से अधिक कापी चार केंद्र पर जांची गई। जबकि इस बार तीन केंद्रों पर पांच लाख से अधिक कापी आवंटित हैं। डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आरजेपी केंद्र पर इंटर की दो लाख 28 हजार, जीजीआईसी केंद्र पर हाईस्कूल की एक लाख 56 हजार तथा बीआईसी केंद्र पर हाईस्कूल की एक लाख 18 हजार उत्तर पुस्तिका जांची जाएंगी। इस प्रकार कुल पांच लाख 2000 कापी जांची जाएंगी। तीनों केंद्रों पर करीब 150 उप प्रधान परीक्षक तथा 1500 से अधिक सहायक परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। केंद्र आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं व परीक्षकों की संख्या के अनुसार विषयवार बैच बनाएंगे।
सुंदर हस्तलेख का मिलेगा अतिरिक्त अंक
शासन ने वर्ष 2022 के मूल्यांकन में छात्र हित की नई परंपरा शुरू की है। बताया जाता है कि परीक्षकों को जारी मूल्यांकन गाइडलाइंस में कहा गया है कि सुंदर हस्तलेख के लिए एक अंक उत्तर पुस्तिका के मुख्य पृष्ठ पर मूल्यांकन के फलस्वरूप प्राप्तांक पर जीएचडब्ल्यू लिखते हुए प्रदान कर संपूर्ण योग किया जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि संपूर्ण प्रदत्त अंक प्रश्नपत्र पर निर्धारित पूर्णांक से अधिक न हो।
प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से इतर होने पर मिलेंगे नंबर
गाइडलाइंस के अनुसार इंटर के 14 विषय के प्रश्नपत्र संकेतांक सहित चिह्नित किए गए हैं जिनमें प्रश्नपत्र में सवाल निर्धारित पाठ्यक्रम से इतर या विसंगति पूर्ण हैं। बताया जाता है कि विकल्पों में दो दो जवाब सही दे दिए जबकि एक जवाब सही होना है, या सवाल निर्धारित पाठ्यक्रम के अंतर्गत नहीं है या सवाल हटाए गए पाठ्यक्रम में से हैं। निर्देश में कहा गया है कि परीक्षार्थी द्वारा प्रश्न हल करने का प्रयास किया गया है या नहीं किया गया है, प्रश्न पर निर्धारित पूर्ण अंक देने हैं। केंद्रों के उपनियंत्रक परीक्षकों को निर्देश की जानकारी देंगे।