बिजनौर। लखनऊ में आग लगने की घटना के बाद जिले में भी इस तरह के प्रतिष्ठानों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां भी गली-मोहल्लों में कोचिंग सेंटर, होटल एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। कोई हादसा हो जाए तो इन तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती। जिला स्तर पर ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच की कवायद होने लगी है।
जिले में व्यस्त बाजारों के साथ ही गली-मोहल्लों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। ये प्रतिष्ठान अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते हैं और न ही विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करते हैं। कई प्रतिष्ठान तो ऐसी जगह चल रहे हैं जहां फायर ब्रिगेड का पहुंचना नामुमकिन हो जाता है। जब कहीं घटना होती है तभी इस तरह के प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है। इनमें बड़े भवनों को तो देख लिया जाता है लेकिन छोटे रास्तों पर संचालित प्रतिष्ठानों पर ध्यान नहीं दिया जाता। कहीं कोई घटना हो जाए तो इस तरह के प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है लेकिन कुछ दिन बाद फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। नियमित जांच एवं कार्रवाई के अभाव में जिले में भी लखनऊ जैसे हालात हो सकते हैं।