कोतवाली देहात। सीबीएसई स्कूलों के संगठन बिजनौर सहोदया की शनिवार को केएस चिल्ड्रेन एकेडमी में हुई बैठक फीस बढ़ोतरी मानकों के अनुसार करने तथा एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
बैठक का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संगठन के अध्यक्ष विनय चौधरी ने फीस रेगुलेशन एक्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फीस वृद्धि निर्धारित मानकों के अनुसार ही की जानी चाहिए। साथ ही एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और विद्यालयों की परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। सुनील त्यागी ने आरटीई के अंतर्गत सरकार द्वारा निर्धारित फीस को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि यह स्कूलों के खर्चों के अनुरूप नहीं है। इसलिए इसे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। सचिव इंद्रपाल सिंह ने कहा कि शिक्षकों का मूल कर्तव्य शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बढ़ाना है। छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। वर्तमान समय में बच्चों में नैतिक मूल्यों की कमी देखी जा रही है, जिसे सुधारने के लिए शिक्षकों एवं अभिभावकों को मिलकर प्रयास करना होगा। बैठक में लगभग 40 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की। गुणवत्ता सुधार एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर अपने विचार साझा किए। बैठक में डॉ. सरजीत सिंह, कुंवर अजीत सिंह, मंसूर खान, सुशील कवि, रविंद्र सिंह तेवतिया आदि मौजूद रहे।