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तटबंध : 1957 में उठी मांग, 1988 में मिला आश्वासन, 68 साल बाद बना प्रस्ताव

Fri, 22 Aug 2025 11:34 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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जलीलपुर के गांव जमालुदीनपुर का खेड़ा पर गंगा का पानी फोटो संवाद
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जलीलपुर। 1957 में बाढ़ प्रभावित गांव दत्तियाना निवासी चौधरी नरदेव सिंह त्यागी विधायक बने थे। तब क्षेत्र वासियों को गंगा किनारे तटबंध बनने की उम्मीद तो जगी पर पूरी नहीं हुई।
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1988 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने गांव दत्तियाना में पहुंचकर तटबंध बनवाने की घोषणा की तो ग्रामीणों को पूरा विश्वास हो गया कि अब तटबंध बन जाएगा लेकिन हालात वही ढाक के तीन पात वाले रहे। अब 2025 में जाकर तटबंध के सर्वे का काम हुआ है जिसमें 182 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना है।
ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र में देश की आजादी से पहले भी बाढ़ आती थी, आज भी आई हुई है। 68 साल पहले ग्रामीणों के मन में तटबंध की आस तब जगी थी, जब सन 1957 के चुनाव में बाढ़ प्रभावित गांव दत्तियाना निवासी चौधरी नरदेव सिंह त्यागी विधायक बने।
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बुजुर्ग बताते हैं उन्होंने प्रयास तो किए मगर सफल नहीं हुए। बुजुर्ग उमेश त्यागी बताते हैं कि 14 सितंबर 1988 बुधवार को दोपहर में एक बजकर चालीस मिनट पर यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी गांव में पहुंचे थे। आम सभा में हजारों लोग मौजूद थे। तिवारी जी ने सभा में बोलते हुए गंगा किनारे तटबंध बनवाने की घोषणा की।
दत्तियाना निवासी बुजुर्ग कांग्रेसी रामचरन सिंह नेताजी ने बताया कि मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने स्वयं गंगा पर जाकर देखा था। गाड़ी से उतरकर पैदल चले थे। उनके द्वारा तटबंध की घोषणा के बाद कई बार अधिकारी, कर्मचारी गांव में पहुंचे।
तटबंध का काम शुरू होने से पहले ही 1989 में सरकार बदल गई। उस समय तटबंध के लिए भागदौड़ करने वाले दत्तियाना निवासी विनोद त्यागी, विरेंद्र त्यागी, प्रमोद त्यागी, सुजातपुर खादर निवासी बुद्ध सिंह चौहान आदि अब नहीं रहे है। संवाद
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