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Bijnor News: हाथियों ने खेतों में गन्ने की फसलें रौंदी

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हाथियों ने खेतों में गन्ने की फसलें रौंदी, पेड़ तोड़े व सुरक्षा तारबाढ़ को किया क्षतिग्रस्त वाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कालागढ़। पुराना कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथियों ने उत्पात मचाकर खेतों में खड़ी गन्ने की फसलों को रौंदते हुए खड़े पेड़ों को तोड़कर सुरक्षा तारबाड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों के उत्पात के चलते किसानों को फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंता हो गई है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर पुराना कालागढ़ में शमशुद्दीन अंसारी, मूला सिंह और भीम सिंह के खेतों में हाथियों ने उत्पात मचाकर गन्ने की फसल को रौंद डाला। खेतों में खड़े कीमती पेड़ों को तोड़ दिया। फसलों की सुरक्षा के लिए लगाई गई सुरक्षा तारबाड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया। किसानों का कहना है कि हाथी का रोज का इस क्षेत्र में विचरण आम बात है। आबादी तक में हाथी आ रहा है। हाथी के चलते किसानों को फसलों की आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं खेतों की रखवाली के दौरान जान भी खतरे में है। कार्बेट की दक्षिणी व बिजनौर की उत्तरी सीमा होते हुए न कार्बेट और न ही नगीना रेंज के गश्ती दल हाथियों को आबादी में आने से रोक पा रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान हैं। यहां कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है। इसके अलावा माह, हिरण, चीतल, गुलदार और बाघ जैसे जीव भी किसी भी समय खेतों में आ जाते हैं। वन विभाग को चाहिए कि वन्यजीवों को वनों की सीमा पर ही रोकें।
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उधर कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी एनके रूवाली का कहना है कि गश्ती दलों को हनुमान मंदिर, लकड़घाट, सूखास्रोत क्षेत्र में सक्रिय किया गया है। वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण वन्यजीव वनों की सीमा पर बने रहते हैं। गश्ती दलों को वन्यजीवों को वनों में ही रोके रहने को कहा गया है।
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