घर पर ही अदा होगी जुमे और ईद की नमाज
बिजनौर/धामुपर। इस बार अलविदा जुमे और ईद की नमाज ईदगाह या मस्जिदों में नहीं बल्कि घरों पर ही होगी। लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए उलमाओं ने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही मुस्लिम समाज के लोगों से एक-दूसरे के गले न मिलने की भी अपील की गई है।
काजी शहर काजी मोहम्मद माजिद अली का कहना है कि इस बार मुल्क में लॉक डाउन की वजह से तमाम मस्जिदें बंद हैं। पिछले दो माह से मुसलमान लॉक डाउन का पालन करते हुए घरों पर ही नमाज अदा कर रहे हैं। 22 मई को अलविदा जुमा है और फिर ईद है। इस बार लॉक डाउन की वजह से ईदगाह पर ईद की नमाज नहीं होगी। सभी लोगों से गुजारिश है कि वे अलविदा जुमे और ईद की नमाज घरों पर ही अदा करें। इसके बारे में दारुल उलूम देवबंद से जानकारी की जा चुकी है। घर पर चार पांच आदमी मिलकर जमात से नमाज अदा कर सकते हैं। जो लोग जमात से ईद की नमाज न पढ़ सकें वे चार रकात नमाज अदा कर लें। सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग बनाएं रखें और चिकित्सकों द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करें। ईद के दिन किसी के गले न मिलें।
जमीअत उलमा ए हिंद के जिला सदर अरशद महमूद कासमी ने कहा कि ईद की नमाज भी घरों पर ही पढ़ी जाएगी। कहा कि नमाज के बाद दुआ और फिर इमाम द्वारा दिया जाने वाला खुतबा खुद याद कर लें। ईद की खरीदारी के लिए बाजार में भीड़ न लगाएं। अपनी और अपने अजीजों की जिंदगी की हिफाजत के लिए लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं, धामपुर में सीओ महावीर सिंह राजावत ने बताया कि अलविदा जुमे व ईद पर मस्जिद में कोई भी नमाज नहीं होगी। केवल मौलाना द्वारा अजान दी जाएगी। ईद वाले दिन भी ईदगाह में ईद की नमाज अदा नहीं होगी।