बिजनौर। बढ़ती नमी के बीच घरों में पनप रहे डस्ट माइट सूक्ष्म कीड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इसकी वजह से नाक की एलर्जी, छींक, खांसी और अस्थमा के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना नाक में एलर्जी के 40 तक मरीज पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अंशु सिंह ने बताया कि डस्ट माइट बेहद छोटे कीड़े होते हैं, जो आंखों से दिखाई नहीं देते। यह घरों में पुराने गद्दों, तकियों, कारपेट, सोफे, पर्दों और धूल भरी जगहों में तेजी से पनपते हैं। डस्ट माइट के मल और मृत कण हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में पहुंचते हैं। इससे ही एलर्जी बढ़ रही है। मौसम में बढ़ी नमी और बंद कमरों का वातावरण इनके लिए अनुकूल है। डस्ट माइट की वजह से मरीजों में लगातार छींक आना, नाक बहना, नाक बंद रहना, आंखों में खुजली, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। जिन लोगों को पहले से अस्थमा की समस्या है, उनमें यह परेशानी और अधिक बढ़ रही है। कई मरीजों को सुबह उठते ही तेज छींक, नाक बंद होने और सांस फूलने की शिकायत हो रही है।ै