चिकित्सक नहीं पहुंचे, बुखार रोगियों का सर्वे कर लौट गईं आशा
हल्दौर। गांव सेलपुरा बमनौला में बुखार से दो लोगों की मौत के बाद आशा कार्यकर्ताओं की टीम तो पहुंची लेकिन चिकित्सक नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर टीम ने घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की जांच की। ग्रामीणों ने चिकित्सक न आने पर रोष जताया है।
नूरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सेलपुरा बमनौला में हाल ही में नगमा व अमित कुमार की बुखार से मौत हो गई थी। इसके अलावा गांव में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद रविवार को आशा कार्यकर्ता रेखा, रिंकू व पूजा ने गांव में घर-घर जाकर थर्मामीटर से बुखार नापा और घरों में कूलर आदि में पानी एकत्र न रखने की हिदायत दी लेकिन कोई दवाई किसी को नहीं दी। वे केवल बुखार से पीड़ित गांव वालों के नाम लिखकर ले गईं। गांव के दीनदयाल सिंह, शशिपाल, हेमराज आदि ग्रामीणों चिकित्सक व अन्य स्टाफ के न आने की शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है।
कीटनाशक दीं
गांव सेलपुरा बमनौला की ग्राम प्रधान आदेश देवी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में छिड़काव करने के लिए कीटनाशक उपलब्ध कराई गई हैं। गांव में साफ सफाई का अभियान भी चलाया जा रहा है।
सोमवार को लगेगा कैंप
एसीएमओ डा.एसके निगम के अनुसार रविवार को जनआरोग्य मेला व अन्य सरकारी कार्यक्रम की वजह से टीम गांव में नहीं जा पाई। मरीजों का सर्वे करा लिया गया है। सोमवार को गांव में कैंप लगाया जाएगा।