ब्लैक फंगस से डरें नहीं, तुरंत उपचार कराएं
धामपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि यदि किसी की आंख में ब्लैक फंगस हो जाता है, तो उसे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में इसकी दवा आ गई है। समय से उपचार कराने के बाद बीमारी से निजात पाई जा सकती है। लेकिन इस मामले में तनिक भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा होता है कि जब कोरोना भाग जाता है तो ब्लैक फंगस जैसी बीमारी घर कर लेती है। यह बीमारी आंख तक पहुंच जाती है। जबड़े तक में इस बीमारी का असर हो जाता है। इसका समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कोविड के इलाज में स्टेरॉइड से शुगर लेवल बढ़ रहा है। शुगर के बढ़ने व आईसीयू में भर्ती होने से ब्लैक फंगस का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। कमजोर इम्यूनिटी में भी संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ रहा है।
इन लक्षणों का रखें ध्यान
ब्लैक फंगस का आंखों पर प्रभाव पड़ता है। जैसे आंखों से पानी आने के साथ तेज जलन होना, आंखों में चमक लगना, आंखों में दर्द होना, आंखों में काली गंदगी आना, दो दिखाई देना, आंखों की रोशनी अचानक कम होना, सूजन आना, आंखों के आकार में फर्क आना, आंखों का लाल होना, हल्का गुलाबी होना, आंख का कम खुलना है। इन लोगों को बीमारी का पता लगने के बाद भी डरने की जरूरत नहीं है। जो लोग कोविड होने पर घर पर ही ठीक हो गए हैं। या जिन लोगों को कोविड लक्षण नहीं थे। लेकिन पॉजिटिव थे या जिनका शुगर लेवल सही है। उन्हें ब्लैक फंगस का खतरा न के बराबर है।
ब्लैक फंगस से बचाव
इस बीमारी से बचाव के लिए मास्क अनिवार्य रूप से लगाना। दो गज की दूरी बनाए रखना। पार्क में जाए तब पेड़ पौधों को व घास को बिल्कुल न छुएं। शुगर लेवल कंट्रोल रखें। यदि कोई परेशानी हो तो पास के सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। जितनी जल्दी इस बीमारी का उपचार कराएंगे, उतना ही जल्दी यह ठीक जो जाएगी।