बिजनौर। मेडिसिन प्वाइंट पहले से ही विवादों में घिरा है। अक्तूबर माह में भी इस मेडिकल स्टोर पर गड़बड़ी मिली थी। इसके बावजूद भी यहां से नशे का कारोबार चलता रहा। जांच औषधि निरीक्षक को अल्ट्रा किंग एपी टेबलेट की बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए डीएलए (ड्रग्स लाइसेंस अथॉरिटी) को भेजी थी।
बरेली की सेंट्रल ब्यूरो नारकोटिक्स और दिल्ली टीम की छापामारी के बाद मेडिसिन प्वाइंट मेडिकल स्टोर चर्चाओं में है। यहां टीम को अवैध बाजार में करीब डेढ़ करोड़ की कीमत की छह लाख 14 हजार टेबलेट मिली। इसमें ट्रामाडोल, अल्प्राजोल, पेंटाजोसिन दवाई शामिल हैं। इससे पहले अक्तूबर माह में औषधि निरीक्षक को अल्ट्रा किंग एपी टेबलेट की जांच का इनपुट मिला था।
इस दवा को लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश कंपनी ने बनाया। बिजनौर के मेडिसिन प्वाइंट पर लखनऊ से दो बिलिंग में 28-28 बॉक्स की डिलीवरी हुई। इस दवा का बैच नंबर पी00288 एवं पी00289 था। जांच में औषधि निरीक्षक को खरीदारी के दस्तावेज मिले। लेकिन यहां से किन मेडिकल स्टोर को दवाई की सप्लाई की गई। इसका कोई दस्तावेज नहीं मिला था।