जिले में 60 हाई लाइन लॉस फीडर चिह्नित
बिजनौर। विद्युत निगम ने लाइन लॉस कम करने की कवायद तेज कर दी है। बिजली चोरी रोकने के लिए शुरू हुए मार्निंग रेड अभियान में हाई लाइन लॉस फीडर पर फोकस होगा। अभियान की जिम्मेदारी अवर अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक के अधिकारियों को सौंपी गई है।
सूबे के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने 10 सितंबर को जिले की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस दौरान यह बात सामने आई थी कि जिले को मिलने वाली बिजली तथा खपत हो रही बिजली की वसूली में काफी अंतर है। इसमें यह भी पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 60 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 40 प्रतिशत तक लाइन लॉस है। जिले में जमकर, बिजली चोरी हो रही है। मंत्री ने विशेष कार्य योजना बनाकर बिजली चोरी तुरंत रोकने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि बिजनौर तथा धामपुर सर्किल के आठ डिवीजन में 91 बिजलीघर संचालित हैं। लाइन लॉस के दृष्टिकोण से सभी रेड जोन में हैं। इनमें 60 प्रतिशत हाई लाइन लॉस फीडर चिह्नित हैं। बताया कि निगम की टीम बिजली चोरी रोकने के लिए दिन में छापा मारती है। परंतु लोग घरों से गायब हो जाते हैं। शासन ने बिजली चोरों को पकड़ने के लिए मोर्निंग रेड अभियान शुरू किया है। अधिकारी सुबह घूमने के बहाने टीम के साथ निकलते हैं और बिजली चोरी पकड़ते हैं। बताया कि मोर्निंम रेड अभियान अब हाई लाइन लॉस फीडर पर केंद्रित होगा। लाइन लॉस 10 प्रतिशत से कम करना प्राथमिकता है। अभियान में तेजी लाई जाएगी। अधिकारी बिना किसी लापरवाही के गांवों में जाएंगे।
20 दिन में 75 एफआईआर
बिजनौर। अधिशासी अभियंता प्रथम बिजनौर अनिल कुमार पांडेय ने बताया मोर्निंग रेड अभियान के अंतर्गत एक सितंबर से 20 सितंबर तक मारे गए छापों में 75 बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। अवर अभियंता तथा उपखंड अधिकारियों को हाई लाइन लॉस फीडर पर निगरानी करने को कहा गया है।