बिजनौर। जिले में पेट्रोल और डीजल के अनावश्यक भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि अब केन और ड्रम में डीजल या पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर अफवाहें फैल रही थीं। इसके चलते कुछ लोग पेट्रोल पंपों से केन और ड्रम में ईंधन भरवाकर घरों और गोदामों में स्टोरेज कर रहे थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाते हुए पेट्रोल पंप संचालकों को किसी भी व्यक्ति को केन या ड्रम में डीजल, पेट्रोल नहीं देने के निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, इस निर्णय के बाद किसानों की परेशानी बढ़ गई है। गेहूं की फसल की थ्रेसिंग का कार्य जल्द शुरू होने वाला है। इसके अलावा खेतों की सिंचाई के लिए भी डीजल की जरूरत पड़ती है। आमतौर पर किसान खेतों में चलने वाले डीजल इंजन, पंपसेट और थ्रेसर के लिए केन या ड्रम में डीजल भरवाकर ले जाते हैं। ऐसे में प्रतिबंध लागू होने से किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। किसान सोहन सिंह ने बताया कि खेतों में मशीनें चलाने के लिए डीजल की आवश्यकता होती है। पंप तक बार-बार वाहन ले जाना संभव नहीं होता है। इससे परेशानी होगी।वहीं, किसान नरेंद्र कुमार, अतुल कुमार ने कहा कि किसानों को केन, ड्रम में डीजल ले जाने के लिए छूट देनी चाहिए। इस समय खेती का काम अधिक रहता है। डीजल की अधिक खपत रहेगी।
सभी पेट्रोल पंप संचालकों को ड्रम, केन में डीजल नहीं देने के निर्देश जारी किए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर पूरी निगरानी रखी जा रही है ताकि, ईंधन की कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण को रोका जा सके। ....अभय प्रताप सिंह, डीएसओ, बिजनौर