बिजनौर। जनपद में कम छात्र-छात्राओं की संख्या वाले करीब 301 परिषदीय विद्यालयों को विलय कर दिया गया था। इनमें से करीब 150 स्कूलों का विलय निरस्त होगा। यानी इन स्कूलों के भवन फिर से गुलजार होंगे। इस संबंध में बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ कार्यालय में बैठक की गई। जल्द ही विलय निरस्त होने वाले स्कूलों के आदेश जारी हो जाएंगे।
जनपद में 2119 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूल संचालित थे। इन स्कूलों में करीब एक लाख 70 हजार छात्र छात्राएं पंजीकृत थे। शासन के निर्देश पर छात्र संख्या कम वाले व शिक्षक ज्यादा वाले स्कूलों को पेयरिंग ऑफ स्कूल यानी विलय किया गया था। ताकि छात्र व शिक्षकों का अनुपात सही रहे। हर ब्लाक से कम संख्या वाले छात्र- छात्राओं का डाटा मंगाया गया था। विभाग के अनुसार जनपद में करीब 301 परिषदीय स्कूलों को एक दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। अधिकांश स्कूल विलय वाले स्कूलों के भवनों में संचालित हो गए थे।
परिषदीय स्कूलों के विलय निरस्त करने और यह आदेश वापस लेने की मांग काे लेकर शिक्षक संगठन आंदोलन कर रहे हैं। शासन ने कुछ मानकों में बदलाव किया है। अब विलय उसी के आधार पर निरस्त किए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि शासन व मुख्यालय के निर्देशानुसार जनपद के विलय निरस्त करने का कार्य किया जा रहा है। प्रक्रिया आरंभ कर दी है।