बिजनौर। बिजनौर में डेंगू के चार रोगी मिले हैं। इस साल जिले के 183 घरों में मलेरिया विभाग की टीम को डेंगू का लार्वा पनपता मिला। टीम ने तुरंत ही 164 घरों में लार्वा नष्ट कराया। वहीं, निर्देश के बाद लार्वा नष्ट नहीं करने पर 19 लोगों को नोटिस जारी किए गए।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनवरी से अब तक 12,3,694 घरों का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने 16,62,837 कंटेनरों की जांच की। जिसमें से 183 घरों के 254 कंटेनरों में मच्छर का लार्वा पनपता मिला। इसके अलावा टीम ने घरों के बाहर 8590 जगह डेंगू के लार्वा की जांच की। इनमें से 49 स्थानों पर मच्छर का लार्वा मिला। जिससे डेंगू, मलेरिया पनपने का खतरा बना रहता है।
सहायक मलेरिया अधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि जाटान के चार, भाटान के चार, मिर्दगान के पांच, काजीपाड़ा के दो, काशीराम खत्रियान के चार लोगों को लार्वा नष्ट नहीं करने पर नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बाद इन्होंने लार्वा नष्ट किया।
इन मच्छरों के काटने से फैलता है डेंगू, मलेरिया : डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। जबकि, मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने के बाद व्यक्ति मलेरिया से संक्रमित होता है। ये मच्छर सुबह और शाम के समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं। एडीज एजिप्टी मच्छर जमीन से घुटनों तक ही उड़ पाता है।
एक साल तक सुरक्षित रहता है अंडा : मलेरिया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एडीज एजिप्टी मच्छर का अंडा करीब एक साल तक सुरक्षित रहता है। इस बीच अगर, नमी या पानी मिल जाए तो अंडा लार्वा बनता है। इसके बाद मच्छर तैयार होता है। जो डेंगू फैलाता है।