बिजनौर। थैलेसीमिया मुक्त बिजनौर अभियान के तहत बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जिला अस्पताल में थैलेसीमिया मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाने, लिको फिल्टर की व्यवस्था करने और निशुल्क दवाई की व्यवस्था करने की मांग की।
ज्ञापन में थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों के परिजनों ने बताया कि बच्चों को ठीक रखने के लिए उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित मरीज को हर महीने एक से दो यूनिट रक्त चढ़ाया जाता है। जिले में थैलेसीमिया की दवा ही उपलब्ध नहीं है। जिले में अधिकांश निजी ब्लड बैंक थैलेसीमिया मरीजों को निशुल्क रक्त उपलब्ध नहीं कराते हैं।
यहां थैलेसीमिया के 150 से अधिक मरीज हैं। प्रतिनिधिमंडल ने थैलेसीमिया मरीजों को 100 प्रतिशतता वाले दिव्यांग कार्ड जारी किए जाने, निजी ब्लड बैंक पर थैलेसीमिया मरीजों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराने की मांग की।
साथ ही कहा कि जिला अस्पताल में भर्ती थैलेसीमिया मरीजों को वहां उस ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं होने पर बाहर से लाए गए रक्त को चढ़ाने की अनुमति देने की मांग की। इस मौके पर अवनीश गौड, हिंदू ब्लड बैंक सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक राहुल राजपूत, अतुल कुमार आदि मौजूद रहे।