आम जनता से ज्यादा सरकारी विभाग ऊर्जा निगम के कर्जदार
धामपुर। सरकार की ओर से विद्युत निगम के अधिकारियों पर बकाया वसूली के लिए दबाव बनाया जा है, लेकिन आम जनता से ज्यादा बकाया सरकारी विभागों पर है। जिसे जमा कराने की अधिकारियों को चिंता नहीं है और जनता को मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। विद्युत वितरण मंडल धामपुर में विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली का करीब 1905 लाख रुपये बकाया है। इनमें से सबसे अधिक करीब 1730 लाख रुपये की बकाया बेसिक शिक्षा विभाग पर हैं। विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी बकाया को जमा नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण विद्युत निगम का बकाया इन विद्यालयों पर निरंतर बढ़ता जा रहा है।
विद्युत वितरण मंडल धामपुर में बिजली के चार डिवीजन धामपुर प्रथम, धामपुर द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद शामिल हैं। विद्युत वितरण मंडल धामपुर के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद बताते हैं कि धामपुर मंडल में बेसिक शिक्षा विभाग पर 1730 लाख रुपये बकाया हैं। कई बार पत्रों के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई भी संज्ञान नहीं लिया जा सका है। पंचायत राज विभाग पर 51 लाख, चिकित्सा विभाग पर 73 लाख, महिला एवं बाल कल्याण विभाग पर 69 लाख रुपये की बिजली बकाया है। ग्राम पेयजल योजना समिति पर करीब 216 लाख बकाया है। यह बकाया काफी पुरानी है।
उन्होंने बताया कि निजी उपभोक्ताओं से भी बिजली बकाया जमा किए जाने का आग्रह किया जा रहा है। गांवों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। नोटिसों के माध्यम से भी बाकीदारों को सचेत कर जमा करने का आग्रह किया जा रहा है। लेकिन लक्ष्य अनुरूप सकारात्मक रिजल्ट निकलता नजर नहीं आ रहा है। उधर, सरकार ने बकाया पर किसानों के बिजली के कनेक्शनों के न काटे जाने पर रोक लगा दी है। जिससे निगम के सामने और बड़ी दिक्कत पैदा हो गई है। (संवाद)
सबसे ज्यादा बकाया नजीबाबाद डिवीजन पर
अधिकारियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा पर सबसे ज्यादा बकाया करीब 850 लाख नजीबाबाद डिवीजन पर, 400 लाख रुपये बकाया धामपुर द्वितीय डिवीजन पर और 318 लाख की बकाया धामपुर प्रथम पर और करीब 163 लाख की बकाया नगीना डिवीजन पर है।