होलिका दहन स्थल पर स्वांग चल रहा था। स्वांग के लिए कलाकारों के कपड़े बदलने की व्यवस्था समरपाल सिंह के घर पर थी। एक स्वांग समाप्त होने पर चंद्रपाल कश्यप कपड़े बदलकर आ गए। राजपाल कश्यप ने उनसे कहा कि मैं कुछ देर में आता हूं।
जब राजपाल कश्यप का भाई जयपाल उन्हें बुलाने गया तब वह अचेत अवस्था में पड़े थे। यह देखकर गांव में लोग एकत्र हो गए।ग्रामीण राजपाल कश्यप को कोतवाली देहात में निजी चिकित्सक के यहां ले गए जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद गांव में होली फीकी रही। शुक्रवार को राजपाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।