प्रेरणा बन रहीं गांवों की बेटियां
बिजनौर। अब गांव की बेटियां संघर्ष के दम पर सफलता की कहानी लिख रही है। किसी ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करना परिवार को संभाला तो किसी ने खेल के क्षेत्र में पूरे देश का नाम रोशन किया। ग्रामीण महिला दिवस पर आज हम ऐसी ही ग्रामीण महिलाओं, बेटियों की चर्चा कर रहे हैं --
विपरीत परिस्थितियों में भी डटी रहीं विरमो देवी
ग्राम शादीपुर निवासी विरमो देवी के संघर्ष की लोग मिसाल देते हैं। पति को खोने के बाद उन्होंने चार बच्चों की जिम्मेदारी निभाई, उन्हें पढ़ा लिखा कर कामकाज से लगाया, लेकिन एक सड़क दुर्घटना में बेटी की मौत हो गई। उसके बाद दोनों बेटे भी कैंसर ने लील लिए। इतनी विपत्तियों के बाद कोई भी टूट सकता है, लेकिन विरमो देवी ने परिस्थितियों से जमकर लड़ाई लड़ी। वह आज भी अपने पोते शनि का पालन पोषण कर रही हैं। वह अपने पोते को पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनाना चाहती हैं।
सफलता के तीर चला रही शैली शर्मा
नूरपुर क्षेत्र के ग्राम दरियापुर निवासी शैली शर्मा तीरंदाजी की उभरती हुई खिलाड़ी हैं। इसी वर्ष गढ़ मुक्तेश्वर में आयोजित हुई। उत्तर प्रदेश जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में शैली शर्मा ने रजत पदक प्राप्त किया है। शैली का चयन अयोध्या में होने वाली तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है। शैली शर्मा का सपना देश के लिए खेलने का है।
दूसरों को राह दिखा रही प्रीति पाल
ग्राम तिसोतरा निवासी प्रीति पाल ने बिना संसाधनों के आईआईटी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण लड़कियों को एक राह दिखाई है। प्रीति पाल ने अपनी मेहनत के दम पर आईआईटी परीक्षा पास की। वर्तमान में वह श्रीनगर से बीटेक कर रही है। कृषक राजवीर सिंह की पुत्री प्रीति ने बिना ट्यूशन के ही यह परीक्षा उत्तीर्ण की।
निशानेबाजी में देश की ओर से खेलेगी ख्याति
ग्राम स्वाहेड़ी निवासी अमित कुमार की पुत्री ख्याति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी में अपनी पहचान बनाई है। ख्याति का चयन खेलो इंडिया और आईएसएसएफ जूनियर चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है। ख्याति का सपना देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने का है।
ग्रामीण महिला दिवस पर विशेष-ख्याति- फोटो : BIJNOR
ग्रामीण महिला दिवस पर विशेष-शैली शर्मा।- फोटो : BIJNOR
हल्दौर में दुर्गा नवमी पर बड़ा शिव मंदिर पर भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रृदालु।- फोटो : BIJNOR