बिजनौर/शेरकोट। दसवीं मुहर्रम पर आशूरा की मजलिस इमामबाड़ा मोहल्ला बुखारा में हुई। मजलिस के बाद दुल-दुल घोड़ा बरामद किया गया। शाम को सोगवारों का जलसे अलम व ताजिया कर्बला पहुंचा, जहां ताजिया दफन किया गया।
रविवार को मजलिस में मौलाना रोशन अब्बास ने कर्बला में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी के बारे में बताया। उसके बाद अंजुमने सरकारे हुसैनी के सोगवारों का जलसे अलम व ताजिया इमामबाड़ा से बरामद होकर विदुर कुटी रोड पहुंचा।
जुलूस में अफरोज नकवी, फिरदौस रजा, नासिर रजा , अजहर हसनैन, अली जावेद आदि शामिल रहे। नोहा ख्वानी फैसल, मोहम्मद मेहंदी, लख्ते हसन, हसनैन रजा, असगर मेहंदी आदि ने की। नहटौर में निकाले गए जुलूस में मिशाल मेहंदी, विसाल मेहंदी, गिजाल मेहंदी, मंजूर जैदी, अली हैदर, सरकार जैदी आदि शामिल रहे। छाछरी मोड़ के गांगू नंगला में सादिक सिद्दीकी, मुबारकपुर कला में जावेद अहमद की देखरेख में ताजिए निकले गए।
वहीं कोतवाली देहात में इमाम बारगाह से जुलूस निकाला गया। मौलाना शिकोह हैदर साहब ने खिताब किया। जुलूस में जीशान हैदर, आजम जैदी, रविश अब्बास, दानिश नाज, आदिल, वजाहत व शान आदि ने नौहा पढ़ा।
किरतपुर के ग्राम मेमन सादात में अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन सोगवारे हुसैनी, अंजुमन अंसार हुसैनी, अंजुमन लश्करे हुसैनी, अंजुमन शेदाय हुसैनी, अंजुमन फैजान ए अहले बैत, अंजुमन दुआए जहरा ने निर्धारित मार्गों से होते हुए जुलूस निकाला गया।
मौलाना अली नकवी, मौलाना सय्यद सादिक रिजवी ने खिताब किया। हसन मुस्तफा, सय्यद रियाज हुसैन जैदी, इसरार हुसैन जैदी, नय्यर अली जैदी आदि रहे। उधर रेहड़ के गांव सादकपुर में जुलूस के आयोजन में ग्राम प्रधानपति अय्याज अहमद, अजीम, राशिद, शरीफ आदि का सहयोग रहा।