हल्दौर में चकबंदी के तहत खेतों की पैमाइश करने पहुंची टीम को किसानों ने बंधक बना लिया और पिटाई भी की। इसके बाद टीम बिना पैमाइश किए ही लौट गई। सहायक चकबंदी अधिकारी ने किसानों पर मारपीट करने, बंधक बनाने और सरकारी दस्तावेज फाड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
नगर हल्दौर क्षेत्र में करीब एक साल पूर्व चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई थी। कुछ किसानों ने चकबंदी का विरोध किया और संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर आपत्तियां दर्ज कराई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने खुली बैठक कर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण किया लेकिन कुछ किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए। एसओसी के निर्देश पर मंगलवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे सहायक चकबंदी अधिकारी जगबीर सिंह, कानूनगो करण सिंह, लेखपाल अशोक कुमार आदि हल्दौर-नहटौर मार्ग के निकट सेक्टर आठ के अंतर्गत बालकों वाली स्थान पर खेतों की पैमाइश करने पहुंचे। इसकी सूचना पर अनेक किसान और महिलांए मौके पर पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि वे छोटे किसान हैं। वे अपने खेतों की चकबंदी नहीं कराना चाहते। चकों का स्थानांतरण होने से उन्हें परेशानी होगी। इस दौरान टीम और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक और मारपीट भी हुई। इस पर टीम बिना पैमाइश किए ही लौट गई।
सहायक चकबंदी अधिकारी टीम के साथ थाने पहुंचे और पुलिस को किसान पर टीम के साथ मारपीट करने, बंधक बनाने, सरकारी अभिलेख फाड़ने का प्रयास करने समेत कई आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इसके बाद अनेक किसान थाने पहुंचे और चकबंदी न कराने की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने उन्हें इसकी शिकायत राजस्व विभाग के अधिकारियों से करने को कहकर चलता किया। उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्र का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।