आतंक के बिजनौर मॉडयूल में आतंकी फैजान मुफ्ती प्रचारक की भूमिका में रहा है। मोबाइल एप के जरिये आतंकी गतिविधियां की जा रही थी। फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद फैजान मुफ्ती समेत अन्य को पांच-पांच साल की सजा हो चुकी है। साल 2017 में इनकी गिरफ्तारी हुई थी। मुफ्ती फैजान देवबंद से तालीम हासिल करने के बाद एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाने का काम भी करता था।
एनआईए/एटीएस की विशेष अदालत ने चार आतंकियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। इनमें शामिल फैजान मुफ्ती कोतवाली देहात के गांव अलीपुरा जट का रहने वाला है। जबकि मो. नाजिम नहटौर का निवासी है। इन दोनों को 20 अप्रैल को एटीएस और पांच राज्यों की पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया था। हालांकि उस वक्त चार अन्य को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। अब मुफ्ती फैजान और नाजिम लखनऊ की जेल में बंद है। जिन्हें पांच-पांच साल की सजा हो चुकी है।
उस वक्त अबू जैद की गिरफ्तारी होने के बाद बिजनौर मॉडयूल की जानकारी मिली थी। इस आतंकी मॉडयूल का सरगना मुंबई का एक मैकेनिक था। जोकि, सोशल मीडिया और मोबाइल एप के जरिये समाज में वैमनस्यता फैलाने का काम करने के साथ-साथ बम बनाने और हमला करने की तैयारी कर रहे थे। जिन्हें बम ब्लास्ट करने से पहले ही दबोच लिया गया था। फैजान के यहां से दो मोबाइल और कुछ किताबें बरामद हुई थीं।
यह भी पढ़ें: कवायद: यूपी में हॉट एयर बैलून से रोमांचक हवाई सफर का मजा ले सकेंगे पर्यटक, यहां चल रहीं तैयारियां
फैजान मुफ्ती या अन्य चार आतंकियों को पांच-पांच साल की सजा होने की जानकारी नहीं है।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
यह भी पढ़ें: कैसे हो डेंगू से मुकाबला: जांच किट ही नहीं, बागपत के जिला अस्पताल में इलाज के लिए भटक रहे मरीज
बिजनौर का आतंकी कनेक्शन
- 12 सितंबर 2014 को जाटान में बम बनाते हुए ब्लास्ट हुआ, खंडवा जेल से फरार सिमी आतंकी यहां रह रहे थे।
- साल 1993 के मुंबई ब्लास्ट में दौसा बंधुओं के सहयोगी सलीम कुत्ता को कल्हेड़ी से गिरफ्तार किया गया था।
- जून 2008 में बढ़ापुर के सरदारपुर छायली से हुजी आतंकी की गिरफ्तारी हुई।
- फरवरी 2007 में धनतेरस पर दिल्ली में हुए ब्लास्ट के भी धामपुर से तार जुड़े।
- 15 अक्टूबर 2001 में चार आतंकी बिजनौर में मारे गए थे, गाजी बाबा से तार जुड़े मिले थे।