नजीबाबाद। शाहपुर में बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में मरे इरफान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
परिजनों ने चुनावी रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं, पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करते हुए दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
शाहपुर निवासी तहसील का सीजनल कर्मचारी और दूध विक्रेता इरफान अली बुधवार रात गांव में ही एक गली में घायल अवस्था में मिला था।
उसके सिर और शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे। सूचना पर परिजनों से उसे नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। परिजनों हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बृहस्पतिवार को इरफान का शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने हत्या का खुलासा करने और हत्यारों को पकड़ने की मांग को लेकर घंटों शव दफन नहीं किया।
सुबह से ही एसडीएम वीके श्रीवास्तव, सीओ संजय राय, थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल एवं पीएसी गांव में तैनात रही।
विधायक हाजी तसलीम अहमद ने गांव पहुंचकर परिजनों का ढांढस बंधाया। मृतक के चचेरे भाई परवेज हुसैन की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्घ हत्या का मामला दर्ज किया है।
तहरीर में चुनावी रंजिश के चलते इरफान की हत्या करने की बात कही। मृतक के संबंधी इलियास हुसैन, परवेज, जफरयाब, नफीस अब्बास आदि ने प्रशासन से हत्या का राज खोलने की मांग की। उधर, थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह ने बताया तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने क्षेत्र के दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।